
Meerut Snakebite Murder Case:नीले ड्रम कांड के बाद अब मेरठ के बहुचर्चित 'सांप कांड' में अदालत का ऐतिहासिक फैसला आ गया है। कोर्ट ने अमित कश्यप हत्याकांड में शातिराना तरीके से हत्या करने वाली पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी (सजा-ए-मौत) की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-12) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराते हुए यह कड़ा दंड दिया।
सजा का ऐलान करते समय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने बेहद कठोर टिप्पणी की। अदालत ने ऐतिहासिक और पौराणिक संदर्भ देते हुए कहा कि अधर्म कभी धर्म से नहीं जीत सकता। जज ने भारतीय संस्कृति में पतिव्रता धर्म का प्रतीक मानी जाने वाली 'सावित्री' का उदाहरण दिया, जिन्होंने अपने पति के प्राण बचाने के लिए यमराज तक को चुनौती दे दी थी। अदालत ने टिप्पणी की कि जहाँ एक तरफ सावित्री का इतिहास है, वहीं दूसरी तरफ रविता जैसी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को ही मौत के घाट उतार दिया।
जिला सरकारी वकील, एडवोकेट कृष्ण कुमार चौबे ने कहा कि यह फैसला भारत के लोगों और देश भर के अपराधियों के लिए एक बहुत ही कड़ा और स्पष्ट संदेश है। भारतीय समाज में पति-पत्नी का रिश्ता बहुत पवित्र माना जाता है और अपने ही जीवनसाथी की हत्या करना एक अत्यंत जघन्य अपराध है। भारतीय परंपरा में विवाह पवित्र अग्नि को साक्षी मानकर संपन्न होता है, जिसमें पति-पत्नी सात वचन लेते हैं और जीवन भर एक-दूसरे का साथ निभाने का संकल्प लेते हैं। ऐसे में अपने जीवनसाथी की हत्या करना सबसे जघन्य अपराधों की श्रेणी में आता है।
यह वारदात 13 अप्रैल 2025 की सुबह की थी। अमित कश्यप का शव उसके कमरे में बिस्तर पर पड़ा मिला और शव के ठीक नीचे एक जिंदा सांप दबा हुआ था। अमित के शरीर पर सांप के डंसने के 10 निशान मौजूद थे। पत्नी रविता ने परिजनों और ग्रामीणों के सामने रोने का नाटक करते हुए दावा किया था कि अमित की मौत रात में जहरीले सांप के काटने से हुई है।
शुरुआत में परिजनों ने भी इसे सर्पदंश से हुई आकस्मिक मौत ही माना, लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो सभी के होश उड़ गए। रिपोर्ट में मौत का असली कारण 'सर्पदंश' नहीं बल्कि 'दम घुटना' निकला।
फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार अमित का मुंह, नाक और गला इतनी बेरहमी से दबाया गया था कि उसकी गर्दन की हायॉइड हड्डी और थायरॉइड कार्टिलेज टूट गए थे। गला घोंटकर हत्या करने के बाद, अपराध को छिपाने के लिए 1000 में खरीदे गए जिंदा सांप को उसके शरीर पर 10 बार कटवाया गया ताकि मौत का कारण सांप का काटना लगे।