
Meerut Murder By Snake Case Update:मेरठ के चर्चित 'स्नेक मर्डर' मामले की जांच में पुलिस के सामने कई नए तथ्य आए हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी दामिनी पिछले करीब 1 साल से देशभर में पतियों की हत्या से जुड़े चर्चित मामलों का अध्ययन कर रही थी। जांच के मुताबिक, वह इंटरनेट पर ऐसे मामलों की जानकारी जुटाती थी और यह समझने की कोशिश करती थी कि किन वजहों से आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए। पुलिस का कहना है कि इसी आधार पर कथित तौर पर उसने अपनी योजना तैयार की।
पुलिस के अनुसार, दामिनी ने मेरठ के बहसूमा सांप कांड सहित कई चर्चित हत्या के मामलों का अध्ययन किया। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन मामलों का विश्लेषण कर यह समझने की कोशिश की गई कि पहले के मामलों में आरोपियों से कहां गलती हुई और उनसे कैसे बचा जा सकता है।
पुलिस जांच के मुताबिक, दामिनी और अतुल की पहली मुलाकात साल 2018 में हस्तिनापुर स्थित एक कॉस्मेटिक की दुकान पर हुई थी। यह मुलाकात धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और दोनों ने 2019 में प्रेम विवाह कर लिया। पूछताछ में दामिनी ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद अतुल का व्यवहार बदल गया और वह उसके साथ मारपीट करने लगा। इसी दौरान उसकी नजदीकियां स्कूल ड्राइवर तुषार से बढ़ीं।
पुलिस का दावा है कि दामिनी और तुषार ने करीब 1 साल पहले ही अतुल को रास्ते से हटाने की कथित योजना बनानी शुरू कर दी थी। जांच में सामने आया कि दोनों ने कई चर्चित हत्या के मामलों का विश्लेषण किया और कथित तौर पर उसी आधार पर पूरी योजना तैयार की।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले अतुल को नींद की गोलियां दीं। जब वह गहरी नींद में चला गया तो कथित तौर पर उसके कपड़ों में जहरीला करैत सांप छोड़ दिया गया, ताकि मौत सामान्य सर्पदंश जैसी दिखाई दे।
हालांकि, घटनास्थल की परिस्थितियों ने शुरुआत से ही पुलिस का ध्यान खींचा। सबसे बड़ा सवाल यह था कि एक जहरीला सांप घर के अंदर पहुंचकर सीधे बंद कमरे में बिस्तर तक कैसे पहुंचा। इसी संदेह के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।
जांच के दौरान पुलिस ने दामिनी की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की, जिसमें तुषार के साथ लगातार बातचीत और संदेशों की जानकारी मिली। इसके बाद तुषार को हिरासत में लेकर उसका मोबाइल फोन खंगाला गया। पुलिस के अनुसार, मोबाइल में डिब्बे में बंद एक सांप की तस्वीर मिली। इसी तस्वीर के आधार पर पुलिस उस नंबर तक पहुंची, जहां से यह फोटो भेजी गई थी।
पुलिस का कहना है कि तस्वीर भेजने वाले नंबर के आधार पर सपेरे सोनू को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि उसने अपने साथी उदय के साथ मिलकर करैत सांप पकड़कर तुषार को उपलब्ध कराया था।
मेरठ के SSP अविनाश पाण्डेय ने बताया कि डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की परतें खुलीं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है।