Zubair Encounter:मेरठ के अलीपुर में एसटीएफ मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश जुबैर मारा गया। मुनीर गैंग का सक्रिय सदस्य जुबैर हत्या, लूट और डकैती समेत दो दर्जन से अधिक मामलों में वांछित था। पुलिस ने उसके पास से दो पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं।
मेरठ में यूपी एसटीएफ और कुख्यात बदमाश जुबैर के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस ने उसे मार गिराया। लोहिया नगर थाना क्षेत्र के अलीपुर इलाके में हुई इस कार्रवाई के बाद इलाके में देर रात तक पुलिस का भारी बंदोबस्त रहा। जुबैर पर हत्या, लूट और डकैती समेत दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से फरार चल रहा था और लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक मारा गया बदमाश जुबैर अलीगढ़ जिले के थाना बरला क्षेत्र के नौशा गांव का निवासी था। पिछले कुछ समय से वह दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में छिपकर रह रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह कुख्यात मुनीर गैंग का सक्रिय सदस्य था और पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत कई जिलों में उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस का कहना है कि जुबैर बेहद शातिर अपराधी था और उसकी तलाश अलीगढ़ व दिल्ली पुलिस लंबे समय से कर रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
एसटीएफ एएसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार रात जुबैर के मेरठ में होने की सूचना मिली थी। इसके बाद एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने अलीपुर इलाके में घेराबंदी की। पुलिस टीम ने जब उसे रोकने का प्रयास किया तो वह बाइक लेकर भागने लगा।
पुलिस के अनुसार पीछा किए जाने पर जुबैर ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जुबैर ने 24 दिसंबर को अलीगढ़ के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में अपने साथियों के साथ मिलकर राव दानिश हिलाल की हत्या की थी। इस मामले में उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी केस के बाद पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
जांच एजेंसियों का कहना है कि हत्या के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था और कई अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल था।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने जुबैर के पास से .32 बोर की दो पिस्टल, भारी मात्रा में खोखा और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस अब उसके अन्य साथियों और गैंग नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। एसटीएफ का कहना है कि मुनीर गैंग से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मुनीर गैंग पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लंबे समय से सक्रिय रहा है। गैंग के सदस्य हत्या, रंगदारी, लूट और डकैती जैसी वारदातों में शामिल रहे हैं। जुबैर को गैंग का अहम सदस्य माना जाता था और वह कई मामलों में पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।