Meerut Weather On Raksha bandhan इस बार रक्षाबंधन दो दिन मनाया जाएगा। यानी 11 अगस्त और 12 अगस्त को बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधेंगी। रक्षाबंधन पर मौसम को लेकर मौसम विज्ञानी ने भी बड़ी बात कही हैं। इस बार रक्षाबधन पर मौसम बिल्कुल साफ रहेगा। यानी दूर-दूर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। वहीं इन दो दिनों में तापमान में भी वृद्धि होगी। बता दें कि अभी तक अगस्त महीने में मानसून के दौरान जोरदार बारिश नहीं हुई है। जैसी उम्मीद जताई जा रही थी। उसके अनुरूप मानसून नहीं बरसा।
Meerut Weather On Raksha bandhan आज तेज धूप के साथ दिन की शुरूआत हुई है। गर्मी और उमस से भी बुरा हाल है। बीते कई दिनों से आसमान में बादलों के घिरने के बाद आज बुधवार को तेज धूप से दिन की शुरुआत हुई। जिसके चलते गर्मी और उमस से लोगों का बुरा हाल है। वहीं इस बार रक्षाबंधन पर मेरठ सहित पश्चिमी उप्र के अधिकांश जिलों में मौसम बिल्कुल साफ रहेगा। तेज धूप के साथ गर्मी भी इन दो दिनों में परेशान करेगी। जुलाई महीने के बाद अब इस अगस्त में भी कम बारिश हुई है। मेरठ सहित पश्चिमी उप्र में इस समय मानसून में भी सूखे जैसे हालात बन रहे हैं।
गत मंगलवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 89 और न्यूनतम प्रतिशत 67 दर्ज किया गया। आसपास के जिलों की बात करें तो बिजनौर में रात हल्की बूंदाबांदी हुई लेकिन आसमान जल्दी साफ हो गया था। वहीं रविवार को भी काले बादल छाए रहे और करीब आधा घंटे तक हल्की बारिश हुई। तेज गड़गड़ाहट के साथ बिजली चमक रही है। बागपत जिले में गत रविवार सुबह से बादल छाए रहे। कई स्थानों पर बारिश हुई।
बारिश होने और बादलों के छाए रहने से मौसम काफी अच्छा हो गया। बारिश से अधिकांश स्थानों पर जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। मौसम विशेषज्ञों की माने तो अब न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। वहीं सहारनपुर में झमाझम बारिश हुई। सोमवार की सुबह से रिमझिम बारिश से मौसम सुहावना हो गया। उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली तो किसानों को भी इस बारिश का लाभ मिल रहा है। बारिश से खेत में खड़ी धान और गन्ना की फसल लहलहा रही। जिले के अन्य स्थानों पर बारिश हुई वहीं शामली में भी हल्की बूंदाबांदी हुई है। बता दें कि गत रविवार को मेरठ सहित पूरे पश्चिमी उप्र में सुबह से बादलों के बाद बारिश देखने को मिली। जिसमें बागपत,गाजियाबाद, नोएडा, हापुड, बुलंदशहर और बिजनौर में बारिश अच्छी हुई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई अन्य जिलों में भी बारिश होने के आसार जताए हैं। हालांकि सावन के महीने में अन्य सालों की अपेक्षा बहुत ही कम बारिश हुई है। सावन के महीने में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अच्छी बारिश नहीं होने से आगे किसानों के लिए परेशानी हो सकती है।