मेरठ

अंग्रेजों के जमाने में बनाए गए इस पार्क में आज भी प्रवेश नहीं कर सकते पुरुष, जानिये क्यों-

Highlights - अंग्रेजों ने कराया था मेरठ के Ladies Park का निर्माण - पुरुषों को प्रवेश करने पर भरना होता है 50 रुपए का जुर्माना - महिलाओं के रहते पार्क का रखरखाव करने वाले कर्मचारियों को प्रवेश भी है प्रतिबंधित

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Dec 23, 2020

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ. अंग्रेजों के जमाने में मेरठ (Meerut) में कई ऐसी व्यवस्थाएं की गईं, जो आज इतिहास के पन्नों में दर्ज होकर रह गई हैं। इनमें से ही एक है मेरठ के पार्कों की व्यवस्था। अंग्रेजों ने मेरठ के कई पार्कों को विशेष तरीके से बनवाया था। इनमें से बुढ़ाना गेट स्थित लेडीज पार्क (Ladies Park) भी एक है। इस महिला पार्क में पुरूषों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित है। इसी पार्क के पास बच्चा पार्क बनाया गया था, जो कि आज अपना वजूद पूरी तरह से खो चुका है। इस बच्चा पार्क (Kid park) में सिर्फ बच्चो का ही प्रवेश अधिकृत था। इसी के पास जिमखाना मैदान बना हुआ था। जिमखाना मैदान आज घूमने के लिए नहीं, बल्कि क्रिकेट के लिए प्रसिद्ध हो चुका है। पुराने जमाने में जब लोग अपने परिवार के साथ घूमने आते थे तो परिवार की महिलाएं लेडीज पार्क में, बच्चे बच्चा पार्क में और पुरुष जिमखाना में समय व्यतीत करते थे।

मुस्लिम महिलाएं करती हैं वजू और पढ़ती हैं फजर की नमाज

लेडीज पार्क में पहले कई बार विवाद हो चुका है, जिसमें मुस्लिम महिलाओं के नमाज पढ़ने पर आपत्ति उठाई गई थी। लेकिन, बाद में निगम के हस्ताक्षेप पर मामला निपटा दिया गया। आज इस लेडीज पार्क में सुबह घूमने आने वाली मुस्लिम महिलाएं वजू करती हैं और फजर की नमाज अदा करती हैं। इतना ही नहीं आसपास के कार्यालय और काॅलेजों में पढ़ने वाली छात्राएं भी यहां पर आकर अपना समय व्यतीत करती हैं।

10 साल के ऊपर से पुरुष का प्रवेश वर्जित

महिलाओं के लिए बनाए गए इस लेडीज पार्क में दस साल से ऊपर के पुरुषों का पूरी तरह से प्रवेश वर्जित है। किसी महिला के साथ अगर कोई पुरूष है तो उसको भी पार्क में प्रवेश नहीं दिया जाता। पुरूषों को गेट पर ही रोक लिया जाता है। पार्क के गेट पर तैनात चौकीदार भी पार्क के भीतर प्रवेश नहीं कर सकता।

पुरुष के प्रवेश करने पर लगता है 50 रुपए का जुर्माना

मेरठ के इस लेडीज पार्क में अगर गलती से किसी पुरुष ने प्रवेश कर लिया तो उस पर 50 रुपए का जुर्माना लगाया जाता है। इतना ही नहीं उससे गहन पूछताछ भी की जाती है। इस लेडीज पार्क में महिलाओं के घूमने और बैठने की बढ़िया व्यवस्था और इसका रखरखाव करने का काम नगर निगम के जिम्मे है। पार्क के पास ही निगम का एक कैंप कार्यालय भी है। जहां पर पार्क की देखभाल करने वाली महिलाएं और माली रहते हैं। मालियों को उस समय पार्क के भीतर प्रवेश की कोई अनुमति नहीं होती, जब महिलाएं पार्क में होती हैं।

Published on:
23 Dec 2020 06:46 pm
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