
मेरठ। मेरठ के सर्किट हाउस में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री श्रमिक कल्याण बोर्ड के चेयरमैन सुनील भराला जनसुनवाई कर रहे थे। इसी दौरान उनके पास कानपुर की एक छात्रा पहुंच गई। पैरों से दिव्यांग इस छात्रा ने जब सुनील भराला को अपनी समस्याएं सुनाई तो मंत्री भी छात्रा की समस्या को सुनकर हैरान रह गए। कालेज प्रशासन के शोषण का शिकार हुई यह छात्रा पिछले डेढ़ वर्ष से भटक रही है।कालेज प्रशासन ने छात्रा का डाफ्ट भी जमा कर लिया, लेकिन उसके बाद भी उसको बीटीसी में एडमिशन नहीं मिला।
डेढ़ साल से भटक रही छात्रा
कालेज प्रशासन छात्रा को डेढ़ साल से भटका रहा है। दिव्यांग छात्रा कानपुर से मेरठ आती है और यहां से परेशान होकर चली जाती है। इसकी शिकायत उसने मेरठ प्रशासन से भी की, लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। छात्रा का नाम कुमारी विमलेश है। विमलेश के अनुसार 17 मार्च 2018 को उसका एडमिशन हुआ था। जिसमें उसने 41 हजार रूपये का डाफ्ट भी जमा कर दिया था, लेकिन जब वह क्लास करने के लिए यहां आई तो उसको मना कर दिया।
मंत्री ने प्रचार्य को दिए निर्देश
कालेज की प्राचार्य ने कहा कि उसकी परीक्षा कैंसिल कर दी गई है। इसलिए उसको एडमिशन नहीं मिल सकता। इसके बाद से विमलेश परेशान हो रही है। पीड़ित छात्रा की पूरी व्यथा सुनने के बाद सुनील भराला ने डायट के प्राचार्य श्रवण कुमार यादव को छात्रा की समस्या को सुनकर उसका समाधान करने को कहा। सुनील भराला ने कहा कि अगर कालेज प्रशासन दोषी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।