Highlights - एसटीएफ ने कासगंज से किया गिरफ्तार- आठ साल के बच्चे को अगवा कर वसूली थी फिरौती- योगी की पुलिस की वांटेड लिस्ट में था ऊपर नाम
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. आठ साल के बच्चे को अगवा कर लाखों की फिरौती वसूलने वाले मोस्टवांटेड 25 हजारी बदमाश ने पुलिस से बचने के लिए नायाब तरीका निकाला। वह गंगा के किनारे झोपड़ी डालकर उसमें रह रहा था, ताकि किसी को शक न हो और वह पकड़ा न जाए। शासन से इनामी बदमाशों की लिस्ट बनी तो उसका नाम भी टॉप 20 में शामिल हुआ, जो कि करीब 9 साल से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश नहीं कर पा रही थी, लेकिन योगी की पुलिस ने इस शातिर को गंगा के किनारे झोपड़ी से ही धर दबोचा।
स्पेशल टास्क फोर्स की मेरठ टीम ने नौ साल से वांछित चल रहे 25 हजार के इनामी राम अवतार उर्फ भूरा को गिरफ्तार कर लिया है। राम अवतार कासगंज जिले के नरदौली क्षेत्र में गंगा किनारे टपरी डालकर रह रहा था। वह गंधक, पोटाश से जंगली जानवरों को मारने के बाद उन्हें बेचकर गुजारा कर रहा था। एसटीएफ के डिप्टी एसपी ब्रिजेश सिंह ने गुरुवार को मेरठ पुलिस लाइन में बताया कि 2012 में राम अवतार उर्फ भूरा निवासी नरदौली कासगंज ने फिरौती के लिए अलीगढ़ के क्वारसी से अपने नौ साथियों के साथ मिलकर आठ वर्षीय सुमित को अगवा कर लिया था। फिरौती वसूलने के बाद बच्चे को हरियाणा के फरीदाबाद में छोड़ा था। कासगंज पुलिस राम अवतार के नौ साथियों को जेल भेज चुकी है। कासगंज पुलिस की तरफ से उस पर इनाम घोषित था।
एसटीएफ को राम अवतार के गंगा किनारे झोपड़ी में होने की सूचना मिली थी। मेरठ एसटीएफ यूनिट ने कासगंज के जंगल से राम अवतार को गिरफ्तार कर लिया। सीओ ने बताया कि राम अवतार जंगली पशुओं को गंधक पोटाश से मारकर सौ से दो सौ रुपये में बेचकर अपना गुजारा करता था। नौ साल तक गंगा किनारे रहे राम अवतार की सभी ग्रामीणों को जानकारी थी, लेकिन किसी ने पुलिस को सूचना नहीं दी। शासन स्तर पर वांटेड अपराधियों की लिस्ट में राम अवतार का नाम आने पर एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया। राम अवतार गंगा के किनारे रह रहा था इस बीच उसने कोई अपराधिक गतिविधियों को अंजाम नहीं दिया। वह खामोशी से अपना जीवन बिता रहा था।