मदरसा इस्लामी अरबिया में उर्स कार्यक्रम के दौरान मशहूर उलेमा ने रखे विचार
मेरठ. गुजरी बाजार स्थित मदरसा इस्लामी अरबिया में हजरत अल्लामा अलहाज शाह मुफ्ती कारी का 24वां उर्स मनाया गया। इसमें देश के मशहूर उलेमा और शायरों ने शिरकत की। उर्स के मौके पर हजरत के बारगाह में सभी लोगों ने अपनी अकीदत पेश की। उर्स में हजरत अल्लामा मुफ्ती अब्दुल मन्नान मुरादाबादी ने कुरआन और हदीस पर अपने विचार पेश किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें उलेमा और औलिया की जरूरत पैदा होने से मरने तक होती है। इस उर्स के माध्यम से उन्होंने जनता को यह पैगाम दिया कि आने वाले 2019 के चुनाव में वे ऐसी सरकार और रहनुमा को चुनें, जो सरकार सभी मजहबों की इज्जत करें। सरकार में सबकी भागेदारी हो। सब की इज्जत और आबरू जान-माल मुल्क के सभी हिस्सों की हिफाजत हो सके। उर्स में उलेमा ने कहा कि आज के उर्स से हिन्दुस्तानी जनता को यह पैगाम दिया गया है कि वे चुनाव में अपना रहनुमा अपने होश-ओ-हवास में चुनें। हिन्दुस्तान का रहनुमा ऐसा हो, जो समाज में सबकी भलाई की बात सोचें।
इसके बाद कार्यक्रम में मुफ्ती आजम मेरठ मुफ्ती इश्तियाक ने मुल्क-ओ-मिल्लत के लिए दुआ मांगी। उर्स कार्यक्रम में काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया। उर्स में उपस्थित लोगों को इस्लाम और कुरान के बारे में जानकारी दी गई। उलेमाओं ने कहा कि इस्लाम बांटने का नहीं, जोड़ने की तालीम देता है। जो लोग इस्लाम को नहीं जानते, वहीं इस तरह की बातें करते हैं। मुल्क को आज हमारी जरूरत है। इसलिए मुल्क की बेहतरी के लिए लोग आगे आए और काम करें। इस मौके पर मुबंई से आए हदा तशकिरा ने जुमले पेश किए। उर्स में शिरकत करने वालों में नशीन हजरत मौलना, हमीदुल्ला खान साहब किबला कादरी, हजरत मुफ्ती, मो. जाबिर, मास्टर ताजदार के अलावा मोहम्मद शम्स कादरी ने भाग लिया।