पुलिस आैर रेलवे अफसरों ने मौके पर पहुंचकर तफ्तीश की, आतंकी साजिश केे मद्देनजर भी जांच चल रही
मेरठ। मेरठ। मेरठ के परतापुर क्षेत्र में रविवार को तड़के नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन के चालक की सजगता के बहुत बड़ी साजिश नाकाम हो गई। जिसके चलते हजारों जान जाने से बच गर्इ। रेलवे ट्रैक के बीचोंबीच रखा 17 फुट लोहे का गार्डर देख चालक ने ट्रेन को रोक लिया और गार्डर हटाकर अधिकारियों को मामले की जानकारी दी तो हड़कंप मच गया। अधिकारियों के घटना के पीछे आतंकी साजिश की भी आशंका जताई है, साथ ही जांच भी शुरू कर दी है।
ड्राइवर ने गार्डर रखा देख लगाए इमरजेंसी ब्रेक
घटना सुबह करीब चार बजे की बताई जा रही है। दरअसल, मेरठ से दिल्ली की जा रही नंदा देवी एक्सप्रेस के चालक ने कुंडा के निकट पटरी के बीचोंबीच लोहे का एक गार्डर रखा देखा। जिसके बाद उसने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन में तेजी से ब्रेक लगाए। चालक ने पटरी के बीच रखा गार्डर हटाकर मामले की जानकारी आरपीएफ और रेलवे के अधिकारियों को दी। जिसके बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया। रेलवे और आरपीएफ के अधिकारियों समेत कई अफसर मौके पर पहुंचे और चालक से मामले की जानकारी करते हुए जांच शुरू कर दी। पटरी पर कोई अन्य संदिग्ध सामान न मिलने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया। उधर, जानकारी के बाद एसएसपी राजेश कुमार पांडे भी मौके पर पहुंचे और रेलवे के अधिकारियों से जानकारी की। सभी अधिकारियों ने घटना के पीछे क्षेत्रीय बदमाशों के हाथ होने की संभावना जताई है। वहीं, पूरे मामले के पीछे किसी आतंकी साजिश से भी इनकार नहीं किया है। एसएसपी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, दोषियों को किसी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
पहले भी साजिश हो चुकी है नाकाम
मेरठ और आसपास के क्षेत्र में पहले भी इस तरह की आतंकी साजिश को नाकाम किया जा चुका है। इससे पहले जनवरी माह में पटरी पर लगी पैडोल क्लिप को खोले जाने की घटना घटी थी। मेरठ-मुजफ्फरनगर के बीच ओएचबी लाइन काटकर पटरी पर डाल दी गई थी, जिससे कि लाइन ट्रेन के पहिये में फंस जाए और हादसा हो जाए, लेकिन हर बार ट्रेन चालकों की सतर्कता के कारण बड़े हादसे बचते रहे हैं।
एसएसपी ने यह कहा
घटना के बारे में एसएसपी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि घटना किसी की शरारत का नतीजा लगती है। वैसे आतंकी घटना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। इसकी जांच कराई जाएगी।