
Neela Drum Murder Case: मेरठ का चर्चित नीला ड्रम कांड एक बार फिर चर्चा में है। सौरभ राजपूत हत्याकांड के मुख्य गवाह उनके बड़े भाई राहुल दिल्ली रोड पर एक कार की टक्कर से घायल हो गए। राहुल ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर कार से टक्कर मारी गई और उनकी हत्या करने की कोशिश की गई। उन्होंने इस घटना के पीछे मुस्कान पक्ष पर शक जताया है। वहीं, दूसरी ओर सौरभ की मां रेनू राजपूत ने जेल पहुंचकर मुस्कान और साहिल को दूसरी जेल में भेजने की मांग की। इसी बीच 18 महीने से बंद सौरभ के मकान का ताला भी खोल दिया गया।
सौरभ राजपूत के बड़े भाई राहुल ने बताया कि बुधवार रात करीब 11 बजे वह दिल्ली रोड पर बहादुर मोटर्स के पास खड़े थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति कार लेकर वहां पहुंचा और उन्हें टक्कर मार दी। राहुल का आरोप है कि कार चालक ने टक्कर मारने के बाद गाड़ी पीछे की और दोबारा उन्हें कुचलने की कोशिश की। अपनी जान बचाने के लिए वह पास की गली में भागे और शोर मचाया। इसके बाद कार सवार मौके से फरार हो गया।
घटना में राहुल के पैर, हाथ और पसलियों में चोट आई है। उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। राहुल ने इसे सामान्य सड़क हादसा मानने से इनकार किया है। उनका आरोप है कि यह उनकी हत्या की साजिश हो सकती है। उन्होंने मुस्कान पक्ष पर शक जताते हुए पुलिस से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
वहीं, गुरुवार दोपहर कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित के साथ सौरभ की मां रेनू राजपूत जिला कारागार पहुंचीं। यहां उन्होंने मुस्कान और साहिल पर आरोप लगाते हुए दोनों को दूसरी जेल में भेजने की मांग की। इस मामले में जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि सजायाफ्ता कैदियों को सेंट्रल जेल भेजने की एक तय प्रक्रिया है। इसके लिए मुख्यालय से आदेश जारी किया जाता है। उन्होंने बताया कि मुस्कान-साहिल और रविता-अमरदीप को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद मुख्यालय को इसकी जानकारी दी जा चुकी है। अधिकारियों के आदेश मिलने पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नीला ड्रम कांड के करीब 18 महीने बाद बुधवार शाम उस मकान को खोला गया, जहां सौरभ और मुस्कान साथ रहते थे। शाम करीब पांच बजे ब्रह्मपुरी पुलिस की मौजूदगी में मुख्य गेट और घर के अंदर जाने वाले दरवाजे पर लगे दोनों ताले ईंटों से तोड़े गए। इस दौरान सौरभ की मां रेनू देवी, बड़े भाई राहुल उर्फ बबलू और मकान मालिक ओमपाल सिंह मौजूद रहे। पुलिस ने घर की तलाशी कर सामान की सूची तैयार की और सौरभ का सामान उसके भाई राहुल को सौंप दिया। जिस कमरे में सौरभ की हत्या की गई थी, वहां पहुंचते ही मां रेनू देवी और राहुल भावुक हो गए। दोनों फूट-फूटकर रोने लगे।
मार्च 2025 से बंद मकान के अंदर काफी सामान बिखरा पड़ा था। लंबे समय से घर बंद रहने के कारण कमरों में तेज दुर्गंध फैली हुई थी। पलंग के बॉक्स से भी बदबू आ रही थी। घर की बिजली का कनेक्शन भी कटा हुआ था। बिजली जुड़वाने के बाद पुलिस की मौजूदगी में सामान बाहर निकलवाया गया। सौरभ के परिवार ने उसके कपड़े, लकड़ी का सामान, फर्नीचर, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक सामान अपने साथ ले लिया। वहीं, पीहू और मुस्कान के कपड़े और खिलौने मकान में ही छोड़ दिए गए।