मेरठ के कंकरखेड़ा में तीन महीने के मासूम की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि एएनएम ने सिरप की जगह बच्चे को गोली दी। इससे उसकी जान चली गई।
दायमपुर गांव के रहने वाले ब्रजपाल पेशे से मैकेनिक हैं। 5 साल पहले उनकी शादी हुई थी। परिवार में दो साल की बेटी वैष्णवी है। तीन महीने पहले ही बेटे की किलकारी गूंजी थी। शनिवार को बच्चे को नियमित टीकाकरण के तहत टीका लगाया जाना था। गांव की एएनएम टीकाकरण के लिए ब्रजपाल के घर पहुंची थी।
ब्रजपाल का आरोप है कि टीकाकरण के बाद बच्चों को बुखार से बचाने के लिए आमतौर पर सिरप दी जाती है, लेकिन इस बार एएनएम ने सिरप की जगह टैबलेट दे दी। जब उन्होंने एएनएम से बच्चे के लिए सिरप मांगा तो उसने कहा कि आज सिरप खत्म हो गया है। एएनएम की बात पर भरोसा किया और वह गोली बच्चे को खिला दी गई।
परिजनों के अनुसार शनिवार शाम सात बजे तक बच्चा बिल्कुल ठीक था और खेल रहा था। लेकिन रात में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसे तेज बुखार चढ़ गया। रविवार तड़के करीब पांच बजे मासूम को दूध की अचानक उल्टी हुई और देखते ही देखते उसने दम तोड़ दिया। आनन फानन में डॉक्टर को बुलाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तीन महीने के कलेजे के टुकड़े को बेजान देख माता पिता का रो रोकर बुरा हाल हो गया।
मासूम की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीण इकट्ठा हो गए और शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए तुरंत कंकरखेड़ा थाना पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घंटों की मशक्कत के बाद परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया। वहीं दूसरी ओर आरोपों में घिरी एएनएम फरार है।