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Ganga Expressway: इंतजार खत्म, जल्द ही पर फर्राटा भरेंगे वाहन, इस तारीख को पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण

Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे का 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण किया जाएगा। 594 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ते हुए यात्रा को तेज और सुरक्षित बनाएगा।

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मेरठ

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Mohd Danish

Apr 18, 2026

pm modi inaugurate ganga expressway 29 april up

Ganga Expressway: इंतजार खत्म, जल्द ही पर फर्राटा भरेंगे वाहन | Image - X/@ANI

PM Modi Inaugurate Ganga Expressway:उत्तर प्रदेश की परिवहन क्रांति में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रदेश के करोड़ों लोगों का लंबा इंतजार अब खत्म होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'गंगा एक्सप्रेसवे' का भव्य लोकार्पण करेंगे।

हरदोई में आयोजित होने वाले एक विशेष समारोह के दौरान पीएम मोदी इस एक्सप्रेसवे को जनता को समर्पित करेंगे। यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक कायाकल्प का वो रास्ता है, जो पश्चिमी यूपी की ऊर्जा को पूर्वी यूपी की संस्कृति और संभावनाओं से सीधे जोड़ देगा।

594 किलोमीटर का सफर और 12 जिलों की कनेक्टिविटी

इस महा-परियोजना की भव्यता का अंदाजा इसके विस्तार से लगाया जा सकता है। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर दांदू गांव तक जाता है।

यह विशाल गलियारा मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, सम्भल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 महत्वपूर्ण जिलों की सीमाओं को छूते हुए निकलेगा। इसके चालू होने से मेरठ से प्रयागराज की दूरी तय करने में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी, जिससे यात्रा न केवल तेज होगी बल्कि बेहद सुरक्षित और सुगम भी बन जाएगी।

गांवों तक पहुंचेगा विकास का रास्ता

गंगा एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को होने वाला है। यह एक्सप्रेसवे इन 12 जिलों के लगभग 519 गांवों के बीच से होकर गुजरता है। इस कनेक्टिविटी के कारण अब गांवों के किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी।

एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होने वाले लॉजिस्टिक हब और मंडियां ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को तेज करेंगी। यह बुनियादी ढांचा न केवल शहरीकरण को बढ़ावा देगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की खाई को भी पाटने का काम करेगा।

एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में यूपी का नया कीर्तिमान

गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ ही उत्तर प्रदेश के नाम एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी दर्ज हो जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने पर देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में अकेले उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत हो जाएगी।

यह उपलब्धि यूपी को 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' के रूप में वैश्विक पटल पर मजबूती से स्थापित करती है। आधुनिक तकनीक और विश्व स्तरीय मानकों के साथ निर्मित यह एक्सप्रेसवे भविष्य की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो राज्य की जीडीपी में बड़े योगदान की क्षमता रखता है।

युवाओं के लिए रोजगार की सौगात

इस परियोजना का दूरगामी प्रभाव प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य पर पड़ेगा। सरकार की योजना गंगा एक्सप्रेसवे के साथ-साथ एक विशाल औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण बड़े निवेशक और उद्योग अब इन 12 जिलों की ओर रुख करेंगे।

उद्योगों और व्यापार के बढ़ने से न केवल निवेश आकर्षित होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। पर्यटन, वेयरहाउसिंग और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में आने वाली यह क्रांति उत्तर प्रदेश को 'वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।