20 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

IPL 2026: ‘यस’ और ‘नो’ कहकर लग रहा लाखों का सट्टा! हर ओवर…हर पारी पर दांव, WhatsApp के जरिए बड़ा खेल

IPL 2026 Betting Scandal: आईपीएल 2026 में सट्टेबाजी का बड़ा खुलासा हुआ है। 'यस' और 'नो' कहकर लाखों का सट्टा लगाया जा रहा था। जानिए पूरा मामला क्या है?

2 min read
Google source verification

मेरठ

image

Harshul Mehra

Apr 18, 2026

ipl 2026 betting scandal erupts in meerut with millions being wagered via mobile apps and whatsapp

आईपीएल 2026 में सट्टेबाजी का बड़ा खुलासा। फोटो सोर्स-Ai

IPL 2026 Betting Scandal:मेरठ में आईपीएल-2026 (IPL 2026 ) मैचों के दौरान सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। कंकरखेड़ा थाना पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सरधना रोड स्थित ड्रीम सिटी कॉलोनी में एक मकान पर छापा मारा, जहां से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सरधना निवासी दीपक जैन, अरुण जैन और विमल जैन के रूप में हुई है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

छापेमारी में मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कई अहम साक्ष्य बरामद किए। आरोपियों के कब्जे से LED टीवी, 11 मोबाइल फोन, 4300 रुपये नकद, एक डेबिट कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल सट्टेबाजी के संचालन के लिए किया जा रहा था।

मोबाइल App और WhatsApp ग्रुप से चल रहा था नेटवर्क

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी मोबाइल एप्लीकेशन और WhatsApp ग्रुप के जरिए सट्टा खिलाते थे। वे विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े थे, जहां से उन्हें मैच से संबंधित निर्देश मिलते थे। इसके आधार पर वे लोगों को जोड़कर सट्टा लगवाते थे। यह पूरा नेटवर्क डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा था, जिससे इसकी पहुंच तेजी से बढ़ रही थी।

हर ओवर और हर पारी पर लगता था दांव

आरोपियों ने खुलासा किया कि सट्टेबाजी केवल मैच के नतीजे तक सीमित नहीं थी, बल्कि हर ओवर, हर पारी और यहां तक कि रन के छोटे-छोटे टारगेट पर भी दांव लगाए जाते थे। मोबाइल ऐप पर मिलने वाले निर्देश के अनुसार ‘यस’ या ‘नो’ के आधार पर लोगों से पैसे लगवाए जाते थे। उदाहरण के तौर पर, किसी ओवर में तय रन बनेंगे या नहीं—इस पर सट्टा लगाया जाता था।

जिले में फैला है बड़ा नेटवर्क

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने यह भी बताया कि मेरठ जिले में कई अन्य लोग भी इस अवैध धंधे में शामिल हैं। यह नेटवर्क लगातार युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है और उन्हें आर्थिक नुकसान की ओर धकेल रहा है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।

अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

SP सिटी विनायक गोपाल भोसले के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस और स्वाट टीम इन सूचनाओं के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।

युवाओं के लिए बन रहा खतरा

IPS जैसे बड़े आयोजनों के दौरान इस तरह की ऑनलाइन सट्टेबाजी तेजी से बढ़ रही है, जो खासकर युवाओं के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। आसान पैसे के लालच में युवा इस जाल में फंस जाते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ता है। मेरठ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि इस गैरकानूनी गतिविधि पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।