
मेरठ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने महापौर पद के लिए मेरठ से ममता सूद को उम्मीदवार बनाया है। इससे वाल्मीकि समाज से सपा के बाद दूसरा उम्मीदवार होने के कारण चुनाव कांटेदार हो गया है। वैसे ममता सूद को टिकट दिलवाने में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के दरबार में नगमा की खूब चली, वरना यहां से ममता समेत तीन नाम भेजे गए थे। ममता के पति मोनिन्दर सूद वाल्मीकि यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। शहर में जब भी नगमा के कार्यक्रम होते हैं, माेनिन्दर मुख्य भूमिका में रहे हैं। माेनिन्दर को इसी का फल मिला है। फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के बाद राजबब्बर आैर नगमा के बीच कांग्रेस पार्टी में बेहतर तालमेल है।
नगमा ने लगाई थी ममता की अर्जी
सूत्रों की मानें तो नगमा ने प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के दरबार में ममता की अर्जी लगार्इ थी, इसलिए यह टिकट फाइनल हुआ है। माेनिन्दर के पिता जय प्रकाश सूद नगर निगम में सफार्इ मजदूर संघ के दबंग नेता रहे थे आैर यूथ कांग्रेस के महासचिव भी। उनके बाद जयप्रकाश के पुत्र माेनिन्दर सूद ने यूथ कांग्रेस की बागडोर संभाल ली। कांग्रेस के स्थानीय बड़े नेताआें व कार्यकर्ताआें में माेनिन्दर की अच्छी पैठ है। सूत्रों की मानें तो ममता के नाम पर कोर्इ विरोध भी नहीं है। इसलिए मिलकर चुनाव लड़ाने की बात कही गर्इ है।
फिर उलझे समीकरण
सपा से दीपू मनोठिया, बसपा से सुनीता वर्मा आैर कांग्रेस से ममता सूद महापौर पद के लिए मैदान में आ गर्इ हैं। भाजपा की उम्मीदवार का आना बाकी है। एससी महिला आरक्षित सीट होने के कारण शहर के 90 वार्डों में हरिजन, वाल्मीकि आैर मुस्लिम वोटर निर्णायक की भूमिका में होंगे। सबकी नजर इन वोटों पर हैं। तीनों उम्मीदवार वाल्मीकि, हरिजन व मुस्लिम वोटर अपने साथ मानकर चल रहे हैं आैर अभी से जीत के दावे शुरू कर दिए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित नवनीत नागर का कहना है कि महापौर पद के लिए जबरदस्त रोमांच आ गया है आैर कांटे की टक्कर होगी। कांग्रेस उम्मीदवार ममता मजबूत हैं आैर मिलकर चुनाव लड़ाएंगे।