मेरठ

Corona Fourth Wave Update : एक ही परिवार के नौ लोग कोरोना संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट

Corona Fourth Wave Update in Meerut मेरठ में कोरोना संक्रमण के चलते एक बार फिर से हालात भयावह होने लगे हैं। जिले में एक ही परिवार के नौ लोगों में कोरोना संक्रमण पाया गया है। एक दिन में कोरोना संक्रमण के 14 मरीज मिले हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं विभाग ने अलर्ट जारी किया है। चौथी लहर मेरठ में अब धीरे—धीरे अपनी जड़े जमा रही है।

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May 03, 2022
Corona Fourth Wave Update : एक ही परिवार के नौ लोग कोरोना संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट

Corona Fourth Wave Update in Meerut कोरोना की संभावित चौथी लहर की चपेट में अब गाजियाबाद और नोएडा के बाद मेरठ आता जा रहा है। पिछले ढाई महीने बाद 24 घंटे के भीतर एक साथ 14 मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। चौकाने वाली बात ये है कि इन मरीजों में से 9 मरीज एक ही परिवार के हैं। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इन परिवार के संपर्क में आए सभी लोगों के सेंपल लेने शुरू किए हैं। वहीं सभी मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संक्रमित मिले परिवार में नौकर, ड्राइवर समेत परिवार की महिलाएं व अन्य लोग शामिल हैं। ये सभी बीते शुक्रवार को कैंट स्थित नामी गर्ल्स स्कूल की संक्रमित बच्ची के परिजन हैं। बच्ची के पिता में पहले ही संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। जिले में फरवरी के बाद मई में कोरोना की अत्यधिक मरीज मिलने शुरू हुए हैं इसके साथ ही हॉटस्पॉट भी पड़ने शुरू हो गए हैं। अब तक नगला बट्टू, लल्लापूरा, कसेरू बक्सर, दौराला, सरूरपुर के इलाकों में मरीजों की आमद हुई। इनमें 9 केस मरीजों के संपर्क वाले हैं। जबकि 5 नए केस हैं। जिले में अब सक्रिय मरीजों की संख्या 35 हो गई है। जबकि बीते 4 दिन में ही 31 मरीज संक्रमित मिल चुके हैं। लगातार बढ़ते मरीजों से स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं भी बढ़ गयी है। हालांकि विभाग ने जांचों की संख्या बढ़ानी शुरू कर दी हैं।


चौथी लहर से बचाव के इंतजामों को परखने के लिए जिले में सोमवार को मॉकड्रिल का भी आयोजन किया गया। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल समेत तीन सीएचसी सेंटर पर कोरोना से बचाव के इंतजामों का जायजा लिया गया। अस्पतालों में पीकू वार्ड, कोरोना वार्ड, ऑक्सीजन प्लांट, समेत अन्य बचाव के इंतजाम परखे गए। लखनऊ की टीम ने बारीकी से हर चीज का निरीक्षण किया। इसके साथ ही मरीजों को अस्पताल लाने से लेकर उपचार दिए जाने तक के रिस्पांस टाइम का भी आकलन किया गया। अधिकतर अस्पतालों में 4 से 6 मिनट में मरीजों को इलाज उपलब्ध करवाया जा सका।

Published on:
03 May 2022 06:12 pm
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