Highlights - कोरोना संदिग्धों की पहचान के लिए जिम्मेदारी फार्मासिस्ट, आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपी जिम्मेदारी - मेडिकल की दुकानों से खासी और बुखार की दवा खरीदने वालों पर भी रहेगी नजर - सर्दी-खांसी के पीड़ित दिखते ही 1800-180-5146 हेल्पलाइन पर देनी होगी जानकारी
मेरठ. अब कोई कोरोना संदिग्ध सरकार की नजर से नहीं बचेगा, क्योंकि सरकार ने कोरोना संदिग्धों की पहचान और उनके संबंध में सूचना देने की जिम्मेदारी फार्मासिस्ट, आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपी है। इसके लिए सरकार ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। सर्दी-खांसी के पीड़ित दिखते ही उक्त कर्मचारियों को 1800-180-5146 पर फोन करना होगा।
जिलों को जारी निर्देश में कहा है कि कोरोना पर अंकुश तभी लगाया जा सकता है, जब इसके लक्षण वाले किसी भी व्यक्ति को फौरन अस्पताल लाया जाए और उसका टेस्ट हो। अगर वह पाॅजिटिव है तो तुंरत इलाज शुरू हो। बहुत से लोग बुखार-खांसी की दवा मेडिकल स्टोर से लेते हैं। मेडिकल स्टोर के फार्मासिस्ट को ऐसे किसी भी व्यक्ति की डिटेल इस हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5146 पर बतानी होगी। इससे उस शख्स को फाॅलोअप किया जा सकेगा और अगर वह कोरोना के लक्षण की गिरफ्त में आता है तो उसका समय से इलाज हो सकेगा।
सीएमओ डाॅ. राजकुमार ने कहा है कि यह हेल्पलाइन आम जनता के लिए नहीं है। इस पर प्राइवेट फार्मासिस्ट के अलावा आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता काॅल कर सकेंगी। बता दें कि आम जनता के लिए पहले से ही हेल्पलाइन नंबर (1800-180-5145) चल रहा है, जिस पर वह अपनी समस्या बया कर सकते हैं। सीएमओ डाॅ. राजकुमार ने बताया कि शासन के निर्देश से सभी को अवगत करा दिय गया है। निर्देश जारी किया गया है कि अगर कोई संदिग्ध मिलता है तो हेल्प लाइन नंबर पर तत्काल सूचना दें।