Highlights—स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर नहीं हुए कार्यक्रम —15 अगस्त पर आनलाइन कार्यक्रमों की रही धूम— कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन का पड़ा स्वतंत्रता दिवस पर असर
मेरठ। साहब हर साल 15 अगस्त, 26 जनवरी पर एक हजार से अधिक तिरंगा गुब्बारे बेंच लिया करता था। लेकिन इस बार अभी तक 50 भी नहीं बिके। यह व्यथा उस राजू नामक युवक की थी जो कि 15 अगस्त और 26 जनवरी की तैयारियों में दो दिन पहले से जुट जाता था। गैस के गुब्बारे बेचने वाला राजू कहता है कि वह 15 अगस्त,26 जनवरी और बसंत पंचमी पर गुब्बारे बेचने का काम करता है।
हर बार सुबह पांच बजे ही वह गुब्बारे बेचने सड़क पर उतर जाता था। सुबह 8 बजे तक वह कम से कम 500 गुब्बारे बेच लेता था। लेकिन इस बार 10 बजे तक भी उसके 50 गुब्बारे भी नहीं बिके। इसका कारण वह स्कूल कालेज बंद और कोरोना संक्रमण के चलते लाक डाउन को मान रहा है। आज पूरा देश आजादी की वर्षगांठ पर जश्न मना रहा है। लेकिन प्रदेश में इस समय सप्ताह का दो दिन का लाकडाउन लगा हुआ है। जिसके चलते 15 अगस्त के जश्न पर लाकडाउन का पहरा लग गया है।
सोशल डिस्टेंस के साथ ध्वजारोहण कार्यक्रम :—
देश आज 74वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर ध्वजारोहण कार्यक्रम सोशल डिस्टेंस के साथ आयोजित हो रहे हैं। पुलिस लाइन में भी परेड की मिली-जुली टुकडि़यों की सलामी ली जाएगी। प्रदेश में कोरोना संकट के बीच स्वतंत्रता दिवस मनाने को लेकर गाइडलाइंस जारी की गई है। यहां गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा। जिसके मुताबिक 15 अगस्त को सुबह 9 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा साथ ही राष्ट्रगान हुआ।
कोरोना महामारी के चलते स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मानव श्रृंखला नहीं बनाई जाएगी। शिक्षण संस्थानों में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कोरोना से बचाव को लेकर जारी गाइडलाइंस का सख्ती से पालन किया जा रहा है। जारी दिशानिर्देश के मुताबिक छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से संक्षेप में स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास बताया गया। ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से देश के लिए शहीद हुए देशभक्तों के बारे में बताया गया। किसी तरह की सभा या कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया। मेरठ में स्कूल कालेजों के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं जिन बाजारों में सुबह से ही स्वतंत्रता दिवस पर चहल पहल हुआ करती थी वहां पर भी कोई आयोजन नहीं हुआ।