मेरठ

कुख्यात इनामी के इस शहर से जुड़े थे तार, सांठगांठ की वजह से यहां कभी पकड़ा नहीं गया!

नोएडा में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात बलराज भाटी के कर्इ चौंकाने वाले खुलासे हो रहे
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Updated: 25 Apr 2018, 1:32 PM IST
meerut

मेरठ। कई राज्यों का कुख्यात बलराज भाटी जिसके नाम से खाकी भी खौफ खाती थी। उसके पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जब तक बलराज जीवित रहा मेरठ पुलिस और खुफिया इकाइयों को यह जानकारी नहीं थी उसके मेरठ में भी ठिकाने थे। पता भी हो तो पुलिस ने कभी इस ओर काम करने की कोशिश नहीं की, लेकिन उसके एनकांउटर के बाद अब पता चला है कि कुख्यात बलराज भाटी का मेरठ में ठिकाना था। सूत्रों की मानें तो कई पुलिस वालों से उसकी सेटिंग थी। शायद यही वजह थी कि बलराज अभी तक पुलिस की गोली से बचा हुआ था। एनकाउंटर में ढेर होने के बाद खुलासा हुआ कि कई पुलिस वालों ने उसकी कॉल सुनी थी, लेकिन उसको पकड़ने की जहमत नहीं उठाई।

मेरठ में था कुख्यात बलराज का ठिकाना

कुख्यात बलराज का हरियाणा, दिल्ली, नोएडा समेत वेस्ट यूपी में आतंक था। हरियाणा के शूटर रब्बू, भोला व उमेश जाट से उसकी दोस्ती थी। कुख्यात उनके साथ मिलकर लूट व हत्या की वारदात कर चुका है। मेरठ स्थित कंकरखेड़ा बाईपास पर बलराज भाटी का ठिकाना था। जहां पर वह मुजफ्फरनगर और देहरादून जाते समय रुकता था। इसकी जानकारी मेरठ पुलिस को थी, इसके बावजूद भी किसी ने उसको टारगेट बनाने का प्रयास नहीं किया। बताया जा रहा कि बलराज भाटी की पुलिस से अच्छी साठगांठ थी, जोकि पुलिस विभाग की अंदर तक की जानकारी उसे देते थे।

कंकरखेडा का मोनू गुर्जर बलराज का शूटर

कंकरखेड़ा से मोनू गुर्जर नाम का बदमाश भी बलराज भाटी का शूटर है। मोनू गुर्जर पर नोएडा से 50 हजार का इनाम है। नोएडा में मोनू ने बलराज के साथ लूटपाट और हत्या की कई वारदातों को अंजाम दिया है। अब मेरठ एसटीएफ भी मोनू गुर्जर को ढूंढ़ने में लगी है। एनकाउंटर के दौरान बलराज के दो साथियों को पुलिस ने पकड़ा हुआ है, जिनसे पूछताछ जारी है।

एसएसपी ने कहा

एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि बलराज भाटी बड़ा बदमाश था। मेरठ में उस पर कोई मुकदमा नहीं था। कंकरखेड़ा का मोनू गुर्जर उसका साथी है।

मेरठ एसटीएफ भी पहुंच गई थी करीब

बलराज भाटी यूपी का बड़ा बदमाश था। उसकी तलाश में मेरठ एसटीएफ भी लगी थी। एसटीएफ उसके करीबी साथियों तक पहुंच गई थी, लेकिन एसटीएफ बलराज के नजदीक पहुंच उसे उठाना चाहती थी। तब तक हरियाणा और नोएडा की पुलिस ने यह उपब्लिध हासिल कर ली। बलराज के मारे जाने से पश्चिम उप्र और हरियाणा पुलिस को बड़ी राहत मिली है।

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