मेरठ

योगी सरकार ने पुलिस महकमे में किया यह बड़ा बदलाव

बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए योगी सरकार का निर्णय
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Updated: 18 Jun 2018, 10:55 AM IST
meerut
अब कोतवाली में नहीं चलेगा एक इंस्पेक्टर का राज, योगी सरकार ने बदली यह व्यवस्था

मेरठ। प्रदेश में बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने अब एक और प्रयोग खाकी के साथ किया है। अब तक थानों में एक ही इंस्पेक्टर का राज रहता था। उस पर ही क्षेत्र में अपराध रोकने की पूरी जिम्मेदारी होती थी, लेकिन थानेदार अपराध रोकने में नकारा साबित हो रहे थे। योगी सरकार ने अब इस व्यवस्था को बदल दिया है। नई व्यवस्था के तहत कोतवाली स्तर के थानों में अब एक नहीं चार इंस्पेक्टर तैनात किए जाएंगे। इन चारों इंस्पेक्टर के काम भी थाने में अगल-अलग होंगे।

यह होगी व्यवस्था

जिलों में कोतवाली स्तर के थानों में जहां सीओ स्तर का अधिकारी भी बैठता है। उन थानों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके व्यवस्था के तहत थानों में कानून-व्यवस्था, अपराध और प्रशासन के कामों के लिए तीन अलग से इंस्पेक्टर तैनात किए जाएंगे। ये तीनों थाने के प्रभारी निरीक्षक के तौर पर काम करेंगे। डीजीपी ओपी सिंह ने इसके आदेश जोन के एडीजी ओर आईजी रेंज को भी भेज दिए हैं। इससे पहले यह व्यवस्था मुंबई और देश की राजधानी दिल्ली में है। इस पूरे व्यवस्था की मानिटरिंग के लिए एडीजी तकनीक आशुतोष पांडे को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मेरठ के इन थानों में होगी नई व्यवस्था

आईजी रामकुमार ने 'पत्रिका' को बताया कि मेरठ में अभी यह व्यवस्था जिले के मवाना, दौराला, सरधना, गंगानगर, सिविललाइन, सदर कैंट, कोतवाली, ब्रह्मपुरी आदि थानों में की जाएगी।

ये होंगे अतिरिक्त इंस्पेक्टरों के कार्य

थानों में जिन इंस्पेक्टरों की अतिरिक्त नियुक्ति होगी, उनके कार्य निम्नवत होंगे। अपराध निरीक्षक का कार्य अपराध संबंधी मामलों की जिम्मेदारी होगी। गंभीर अपराधों की ठीक से जांच पड़ताल करना और क्षेत्र में बढ़ते अपराधों को रोकने का जिम्मा इसके ऊपर होगा। प्रशासनिक निरीक्षक का कार्य थाने की जीडी, मालखाने की देखरेख, थाने में होने वाली जनसुनवाई, जमानती के प्रार्थना पत्र की तहकीकात और थाने के सभी प्रशासन से संबंधी कार्य। थाने में तीसरा निरीक्षक होगा कानून-व्यवस्था का। जिसका काम होगा थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को दुरूस्त कराना और समय-समय पर गश्त आदि करना। इसका काम थाने में काम करने वाले स्टाफ की डयूटी निर्धारित करना होगा। एंटी रोमियों स्वायड के अलावा क्षेत्र में निकलने वाले जुलूस और रैली की अनुमति देने का जिम्मा इन्हीं का होगा।

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