सीएम के आगमन पर नजरबंद रहे विपक्षी नेताओं का फूटा दर्द कोई थाने में तो कोई घर में रहा नजरबंद बोले विपक्ष को नजरबंद कर डाल रहे गलत परंपरा
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
मेरठ ( meerut news ) सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ आगमन पर विपक्ष के अधिकांश नेता ( Opposition leaders ) नजरबंद कर लिए गए। पुलिस ( Meerut Police ) ने किसी को घर में तो किसी को थाने में नजरबंद कर दिया। रात से शाम तक नजरबंद रहे विपक्ष के नेताओं से जब मीडिया ने बात की तो उनका गुस्सा फूट पड़ा।
( meerut political news ) कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष मोहम्मद जाहिद अंसारी ने कहा कि भाजपा सरकार गलत परंपरा डाल रही है। भाजपा सरकार की ये परंपरा आगे आने वाली सरकार भी अपना सकती हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को हम यह बताना चाहते हैं कि ये पाकिस्तान या जम्मू-काश्मीर नहीं हिन्दुस्तान है। यहां पर लोकतंत्र कायम हैं हम लोकतंत्र का हिस्सा हैं। भाजपा सरकार लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है। विपक्ष को खत्म करने पर तुली हुई है। योगी आदित्यानाथ को भय था कि कहीं उनका विरोध न हो जाए।
कांग्रेस के महानगर जनरल सैक्रेट्री ( Meerut Congress ) राज केसरी भी अपने घर में 18 घंटे हाउस अरेस्ट रहे। योगी के जाने के बाद जब उनको हाउस अरेस्ट से मुक्त किया गया तो उन्होंने कहा कि यह जनता की आवाज दबाई जा रही है। भाजपा को लगने लगा है कि 2022 में वे सत्ता से बाहर हो जाएगी। इसलिए ही उन्होंने विपक्ष के नेताओं पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। भाजपा विपक्ष को देश से खत्म करना चाहती है लेकिन ऐसा नहीं होगा। भाजपा के इस कृत्य का जनता में बहुत गलत संदेश जा रहा है।
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के शैकी वर्मा का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने राजा का गुणगान करने आए थे। उन्होंने कहा कि योगी सरकार विपक्ष से घबरा गई है। हर दिन प्रदेश में विपक्ष के नेताओं को नजरबंद कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि नेताओं को नजरबंद से क्या किसानों की समस्या का समाधान हो सकता है। नजरबंद से क्या प्रदेश की जनता की आवाज दबाई जा सकती है। योगी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है।