मेरठ

मेरठ में पकड़ा गया करोड़ों का पांडा का मीट, इसका इस्तेमाल यहां करने ले जा रहे थे तस्कर, देखें वीडियो

बाइक पर लेकर जा रहे थे मीट, वन विभाग की चेकिंग में पकड़ा गया एक तस्कर  

2 min read
Nov 24, 2018
meerut
विदेश सप्लाई हो रहा इस दुर्लभ प्रजाति के जानवर का मीट, इसे कैसे मारकर मीट तैयार करते थे, सुनकर हर कोर्इ दंग रह गया, देखें वीडियो

मेरठ। मेरठ के हस्तिनापुर रेंज से दुर्लभ जानवरों का मीट दूसरे राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है। यहीं नहीं यह भी जानकारी मिली है कि दूसरे राज्यों से मीट को बाहरी मुल्कों में भी भेजा जा रहा है। वन विभाग के हत्थे चढ़े गिरोह के सदस्य ने इसका खुलासा किया है। उसने विभाग को जानकारी दी है कि हस्तिनापुर रेंज में ऐसे दुलर्भ जानवरों को मारा जा रहा है जिनके मीट या उनके मृतक शरीर की कीमत राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय बाजार में लाखों और करोड़ों रूपये में है।

चेकिंग के दौरान हत्थे चढ़ा

मेरठ वन विभाग की टीम को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। जिसमें इसका खुलासा हुआ है। विभाग अभी और जानकारी जुटाने में लगा हुआ है। बताते चलें कि शुक्रवार को शाम वन विभाग की टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर दो लोग टीम को आते दिखाई दिखे, लेकिन बाइक सवार लोग विभागीय टीम को देखकर भागने लगे। लेकिन वन रक्षकों ने घेरकर उनको पकड़ा तो एक व्यक्ति भाग निकला। जबकि दूसरा टीम के हत्थे चढ़ गया। उसने खुद को शिकारी बताया और उसके पास से दुर्लभ प्रजाति के पांडा का करीब 10 किलो मीट बरामद हुआ। मीट देखकर वन विभाग की टीम हैरान रह गई। पकड़े गए शिकारी की निशानदेही पर मीट खरीदने वाले युवक को भी गिरफ्तार कर लिया गया जबकि उसका दूसरा साथी भाग निकला। जिसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

10 किलो ताजा मीट पकड़ा गया

पकड़े गए व्यक्ति के पास से 10 किलो ताजा पाडा का मीट जो कि दुलर्भ प्रजाति का है और उसके दो खुर (पैर) बरामद हुए। पकड़े गए शिकारी का नाम संजय और भागने वाले का नाम भजन सिंह है। वहीं आरोपी शिकारी की निशानदेही पर मीट खरीदने वाले दो युवकों के घर पर भी छापा मारा गया। जिसमें मांगे नाम के खरीदार को गिरफ्तार कर लिया और सुरेन्द्र नाम का खरीददार फरार हो गया।

हार्इटेंशन से करंट छोड़ते थे

संजय नाम के शिकारी ने बताया कि हाईटेंशन लाइन में कटिया डालकर जंगल में करंट के तार बिछा देते थे जिससे वन्यजीव इसमें फंस कर करंट से मर जाते थे और उसको ये लोग उठाकर ले जाते थे। वहीं पकड़े गए शिकारी और खरीददार से पूछताछ की जा रही है और इनका नेटवर्क कितना बड़ा है और कौन-कौन लोग इसमें शामिल हैं ये भी खंगालने की कोशिश की जा रही है। बताया जाता है कि ये लोग दुलर्भ जानवरों और उनका मीट दूसरे राज्यों में सप्लाई करते हैं। जहां से यह विदेशों में भेजा जाता है। डीएफओ अदिति शर्मा ने बताया कि नेटवर्क की पूरी जानकारी की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

Published on:
24 Nov 2018 12:37 pm
Also Read
View All