मेरठ को जल्द ही हैलीटैक्सी की सौगात मिलने जा रही है। इससे दिल्ली और मेरठ की दूरी काफी कम हो जाएगी। मेरठ के लोग एनसीआर में कही भी मात्र 30 मिनट में पहुंच सकेंगे। यानी मेरठ से गुरुग्राम, नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद, फरीदाबार तक ये हैलीटैक्सी दौड़ती नजर आएगी।
मेरठ. उत्तर प्रदेश के मरेठ जनपद में इन दिनों परिवर्तन का दौर है। सरकार द्वारा मेरठ की नक्शे में हर तरह से बेहतर चमकाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी बीच अब मेरठ को हेलीटैक्सी (हेलीकॉप्टर) और हाईवे की भी सौगात मिलेगी। जिसके चलते एनसीआर के शहर आपस में 30 से 50 मिनट में जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही 20 वर्षों में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल मेरठ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दौड़ता नजर आएगा। यह मेरठवासियों के लिए एक अनोखी सौगात है।
जानें कैसी होगी हैलीटैक्सी सेवा
बता दें कि एनसीआर रीजनल प्लान-2041 का दायरा 150 किमी से 100 किमी होने के बाद भी मेरठ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल रहेगा। इससे मेरठ में हेलीटैक्सी और हाईवे की भी सौगात मिलेगी। एनसीआर से जुड़े शहरों को आपस में कम समय में जोड़ने के लिए हेलीटैक्सी संचालित की जाएगी। इसमें अधिकतम चार यात्री सवार हो सकते हैं। हेलीटैक्सी सेवा की शुरुआत हिसार से धर्मशाला, बंगलूरू में की जा चुकी है।
इसके साथ ही मेरठ स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर हवाई पट्टी 1500 मीटर लंबी और 80 मीटर चौड़ी है। इस पर आसानी से प्रदेश सरकार के मंत्रियों के दौरे के समय हेलीकॉप्टर और राजकीय वायुयान उतर जाता है। जिससे हवाई पट्टी के विस्तारीकरण की जरूरत भी नहीं होगी। इसके साथ ही एनसीआर रीजनल प्लान को एनसीआर के शहरों के प्लान से जोड़कर तैयार किया जाता है। इसमें सबसे अधिक नए एक्सप्रेस-वे, मेट्रो आदि का खाका तैयार किया जाता है।
हैलीटैक्सी से एयरपोर्ट पहुंचा होगा आसान
वहीं एमडीए के मुख्य नगर नियोजक इश्तियाक अहमद ने बताया कि मेरठ विकास प्राधिकरण की तैयार की जा रही महायोजना को भी रीजनल प्लान के साथ लिंक कर दिया जाता है। उसके हिसाब से ही शहरों के विकास का खाका तैयार किया जाता है। इसमें रीजनल कनेक्टिविटी पर सबसे अधिक ध्यान दिया जाता है। इसके साथ ही इस विषय पर आर्किटेक्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित अग्रवाल ने बताया कि हेलीटैक्सी चल जाने के बाद सीधा एयरपोर्ट पहुंचना आसान हो जाएगा। इससे काफी मदद मिलेगी।