Highlights: -मृत्यु प्रमाण पत्र के आंकड़ों पर गौर करें तो कोरोना से ज्यादा अन्य रोगों से अधिक मौत हुई है -नगर निगम से 20 मार्च से 30 अप्रैल के बीच 452 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं -20 मार्च से 8 मई के बीच कोरोना से केवल 10 मौत हुई हैं
मेरठ। इस समय कोरोना संक्रमण के चलते मेरठ में 10 मौतें हो चुकी हैं। लेकिन अगर मेरठ में पिछले एक महीने में हुई मौतों पर नजर डाले तो 20 मार्च से लेकर 30 अप्रैल तक विभिन्न बीमारियों से 452 मौत हो चुकी हैं। यानी औसतन 15 मौतें प्रतिदिन। इन मौतों का कारण कोरोना नहीं अन्य बीमारियां भी रही। इन बीमारियों में सर्वाधिक निमोनिया, हार्ट, ब्रेन स्ट्रोक, अस्थमा और किडनी फैल्योर है।
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नगर निगम से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र के आंकड़ों पर गौर करें तो कोरोना से ज्यादा अन्य रोगों से अधिक मौत हुई हैं। नगर निगम से 20 मार्च से 30 अप्रैल के बीच 452 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। 20 मार्च से 8 मई के बीच कोरोना से केवल 10 मौत हुई हैं। 443 मौत दूसरे कारणों से हुई हैं। दरअसल, मौत का एक बड़ा कारण निमोनिया भी है। इसके अलावा हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, अस्थमा अटैक, किडनी फेल्योर से भी मौत हुई हैं। वायरल फीवर भी घातक रहा है।
मेरठ के लिए स्वाइन फ्लू बीमारी भी घातक रही है। इससे भी कई मौतें हो चुकी हैं। देखा जाए तो कोरोना से 30 फीसद मरीज ठीक हो लौट चुके हैं। कोरोना को लेकर दशहत है। लोग भय से घबराए हुए हैं। यह समय भयभीत होने का नहीं, बल्कि सावधान और सतर्क रहते हुए कोरोना से लड़ने का है। मेरठ के आंकड़े देखें तो कोरोना का संक्रमण भले ही चिंताजनक है, लेकिन इससे छावनी में केवल दो मौत हुई हैं। अन्य बीमारियों से कहीं अधिक लोग मरे हैं।