cow slaughter in Meerut मेरठ जिले में पुलिस की सख्ती के बाद भी तेजी से गोकशी की घटनाएं बढ़ रही है। मेरठ पुलिस दर्जनों गोकशों को पुलिस मुठभेड़ के दौरान पकड़ चुकी है। लेकिन इसके बाद भी गोकशी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इसी के चलते मेरठ प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने मेरठ एसएसपी को दो थानेदारों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे।
cow slaughter in Meerut मेरठ में गोकशी की गूंज शासन तक पहुंच रही है। जिसके बाद अब गोकशी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए एसएसपी राहित सजवाण ने जिले के पुलिस अधिकारियों की पुलिस लाइन सभागार में बैठक ली। जिसमें मेरठ देहात क्षेत्र के थानेदारों के अलावा सर्किल अधिकारी भी उपस्थित रहे। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि गोहत्यारों पर गैंगस्टर लगाया जाए और उनकी संपत्ति को भी जब्त किया जाए। मेरठ पुलिस ने 42 व देहात क्षेत्र के कुल 265 गोकशी के अपराधों में संलिप्त रहे अभियुक्तों के मकान/निवास स्थानों पर जाकर उनका भौतिक सत्यापन किया। जो गोकश घर पर मौजूद मिले उन्हें थाने पर भी पूछताछ हेतु लाया गया ।
सभी गोकशों को हिदायत दी गयी कि अगर किसी की गोकशीं जैसे संगीन अपराधों में संलिप्तता पायी जाती हैं तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक करते हुए गुण्डा, गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीट खोलने एवं गैंग पंजीकरण आदि प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। एसएसपी ने कहा कि गोकशों की थानों में हिस्ट्रीशीट खोलने के साथ ही उनकी निगरानी की जाए। गोवध के आरोपियों और उनको संरक्षण देने वाले को भी मुकदमे में आरोपी बनाया जाए। उसमें चाहे पुलिसकर्मी ही क्यों न हो।
एसएसपी ने कहा कि गोकशी के स्थान चिह्नित कर उन स्थानों पर पुलिस पिकेट लगाकर गश्त शुरू की जाए। पुलिस टीम बनाकर गोकशी के आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। गोवंशी मांस खरीदने वालों पर कार्रवाई की जाए। इस कार्य में जो वाहन प्रयोग हों उनको सीज किया जाए। गोवध की घटनाएं जिन गांवों में हो रही हैं। वहां सर्किल अधिकारी ग्रामीणों के साथ बैठक करें। स्थानीय स्तर पर मांस की दुकानों की चेकिंग करते हुए पता लगाएं कि दुकानों पर मांस किस माध्यम से आता है।