मेरठ

ठगों ने एटीएम कार्ड बदलकर लगाया छह हजार का चूना तो युवक ने बना लिया अपना ठग गिरोह

5 साल में लोगों के एटीएम कार्ड बदलकर जुटा लिए पैसे कि पुलिस भी हुई हैरान
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Updated: 23 Sep 2018, 8:00 PM IST
ATM cards
ठगों ने एटीएम कार्ड बदलकर लगाया छह हजार का चूना तो युवक ने बना लिया अपना ठग गिरोह

मेरठ. युवक ने अपने साथ हुई ठगी का बदला लेने का ऐसा अनोखा उपाय निकाला कि वह खुद ही ठगों का सरगना बन बैठा। एक बार ठगी का शिकार होने के बाद बकायदा इसने अपना पूरा गिरोह बना डाला और गिरोह में युवकों की भर्ती से पहले उनको बकायदा पूरी ट्रेनिंग देता था। ट्रेनिंग के दौरान वह बकायदा फीस भी वसूलता था। उसने अपने गिरोह में भर्ती के लिए एनसीआर के समाचार पत्रों में बकायदा विज्ञापन भी निकाला, जिसमें उसने लिखा आवश्यक्ता है तेजतर्रार युवकों की। सेलरी उनके काम अनुसार।

इस गिरोह के सदस्यों ने मात्र पांच साल में सैकड़ों वारदातों को अंजाम देकर 20 लाख रुपये से अधिक की रकम जुटा ली। मेरठ के लिसाड़ी गेट पुलिस के हत्थे चढ़ें गिरोह के सरगना सहित तीन अन्य युवक भी गिरफ्तार हुए हैं। एटीएम बदलकर रूपये निकालने वाला यह गिरोह कम पढ़े-लिखे लोगों के एटीएम कार्ड बदलकर उनके खातों से रकम निकाल लेता था। एसपी सिटी रणविजय सिंह ने पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि पकडे़ गए युवकों के कब्जे से कई बैंकों के 17 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।

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ठगी के रुपए से कराई दो बहनों की शादी और पत्नी की डिलीवरी
एसपी सिटी ने बताया कि इस ठग गिरोह का सरगना प्रदीप नामक युवक है, जो पिछले करीब पांच साल से लोगों के एटीएम कार्ड बदलकर उनके खातों से रकम निकालने का काम कर रहा है। प्रदीप ने ठगी के पैसों से दो बहनों की शादी की। इसके अलावा पत्नी की दो डिलीवरी और ऑपरेशन कराए। प्रदीप ने बताया कि उसकी अजीविका का साधन ही यह धंधा है। वह पांचवीं फेल है। वह लोगों को दिखाने के लिए धंधे के नाम पर गाड़ी चलाता है। वहीं उसका साथी मोंटी आठवीं फेल है और वह हलवाई का काम करता है।

ऐसे बनाया गिरोह
प्रदीप ने मीडिया के सामने जानकारी दी कि एक बार ठगों ने उसका एटीएम कार्ड बदलकर छह हजार रुपए निकाल लिए थे। तभी उसने इस आसान काम को अंजाम देने के लिए गिरोह बना लिया। मोंटी, प्रदीप की बुआ का लड़का है।

मेरठ से राजस्थान तक फैला है जाल
आरोपितों ने मेरठ के अलावा राजस्थान के धौलपुर व भरतपुर, शामली के झिंझाना में ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। मोंटी हत्या के मामले में जेल जा चुका है। चार-पांच माह पहले वह टीपी नगर थाने से मोबाइल टावर की बैटरी चोरी के मामले में भी पकड़ा गया था। प्रदीप एटीएम कार्ड बदलने के मामले में मुजफ्फरनगर में पकड़ा गया और करीब 10 दिन पहले ही जेल से छूटकर आया है। लिसाड़ी गेट के गोला कुआं में एसबीआई बैंक का एटीएम है। शनिवार रात तीनों आरोपितों ने एक व्यक्ति का एटीएम कार्ड बदल लिया। कार्ड बदलते हुए किसी जागरुक नागरिक ने देख लिया और पुलिस को सूचना दे दी। तत्काल कार्रवाई करते हुए लिसाड़ी गेट इंस्पेक्टर रघुराज सिंह ने टीम के साथ घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया।

राजस्थान में दर्ज हैं केस
इन लोगों के खिलाफ राजस्थान में भी विभिन्न जनपदों में कई धाराओं में केस दर्ज हैं। दो केस मेरठ के थाना टीपी नगर में और एक केस जनपद शामली के झिंझाना थाने में भी दर्ज हैं।

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23 Sep 2018, 8:00 PM IST
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