सभी दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी की जीत के किए दावे
मेरठ. पांच राज्यों में चुनावी घोषणा से उप्र की सियासी तापमान भी गुलाबी मौसम में गरमाने लगा है। शनिवार को शाम तीन बजे जैसे ही चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना में चुनाव की तारीखों की घोषणा की। यूपी की सियासत भी गरमा गई। कांग्रेस के पूर्व विधायक और एआईसीसी के सदस्य पंडित जयनरायण शर्मा ने बताया कि ये चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न है। भाजपा से जनता आजिज आ चुकी है। वहीं, भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि भाजपा राज्यों के चुनाव ही नहीं मुख्य चुनाव के लिए भी तैयार बैठी है। भाजपा सरकार के काम सबसे सामने हैं। पांच राज्यों में होने वाले चुनाव में भी भाजपा भारी बहुमत से विजय हासिल करेगी।
दलों की तैयारियां जोरों पर
चुनाव आयोग की पांच राज्यों में चुनावी घोषणा में भले ही देरी कर दी हो, लेकिन दलों की तैयारियां तो काफी पहले से ही तेज हो चली थी। महागठबंधन को लेकर जो कयास इन चुनावों में लगाए जा रहे हैं, उसको मायावती पहले ही झटका दे चुकी है। अब सपा के मुखिया अखिलेश यादव भी कांग्रेस से किनारा करते हुए मध्य प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला कर चुकी है।
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बसपा नेता कांग्रेस और भाजपा दोनों पर बोला हमला
बसपा के पश्चिम उप्र प्रभारी शमसुद्दीन राइन क अनुसार कांग्रेस नेता मप्र और राजस्थान में भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। यह बात मायावती भी कह चुकी है। उन्होंने कहा कि महारी पार्टी की मुखिया मायावती ऐसे किसी दल से समर्थन नहीं लेगी या देगी, जो अभी भाजपा के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि भाजपा दलित विरोधी है। भाजपा के कार्यकाल में सर्वाधिक दलित उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं।
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ये हैं पांच राज्यों में चुनाव का हुआ ऐलान
जिन पांच राज्यों में चुनाव हैं, उनमें मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को मतदान होगा। छत्तीसगढ में दो चरणों में यानी 12 और 20 नवंबर को , राजस्थान में 7 दिसंबर को और मिजोरम में 28 नवंबर को, जबकि तेलंगाना में भी 119 सीटों पर सात दिसंबर को ही मत पडेंगे। इन सभी राज्यों में मतों की गिनती का काम 11 दिसंबर को होगा। गौरतलब है कि नक्सल प्रभावित सिर्फ छत्तीसगढ में ही दो चरणों में मतदान होंगे। इसके अलावा बाकी चारों राज्यों में एक-एक चरण में ही मतदान होगा।