मेरठ

योगी के फैसले से गरमा गई भीमराव पर राजनीति, इन बड़े नेताओं ने कह दी ऐसी बात कि…

डॉ. भीमराव अंबेडर को लेकर अब यूपी में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

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Mar 30, 2018
politics start on bhim rao ambedkar

मेरठ। इन दिनों मुद्दा कोई भी हो पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आने और एक-दूसरे पर राजनीतिक प्रहार करने से पीछे नहीं रहते। वर्तमान में दलित राजनीति के पुरोधा और भारत के संविधान निर्माता के रूप में विख्यात डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर राजनीति शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने बकायदा सभी विभागों को नोटिस जारी कर कहा है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर को अब डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर के नाम से संबोधित किया जाए। सरकारी कार्यालयों और डॉ. भीमराव से जुड़े प्रतिष्ठानों पर भी यही नाम लिखा जाए। प्रदेश सरकार के इस पैतरे से राजनीति गरमा गई है। सरकार के इस पैतरे से विपक्ष सकते में है।

नीचता पर उतर आई सरकार- बसपा

मेरठ की मेयर सुनीता वर्मा ने इस बारे में कहा कि प्रदेश सरकार अब नीचता पर उतर आई है। बाबा साहेब का नाम परिवर्तित कर सरकार ने अपनी मानसिकता का परिचय दिया है। जो कि एक घृणित काम है। उन्होंने कहा कि क्या कभी किसी महापुरूष का नाम बदलता है। यह बाबा साहेब का अपमान है कि प्रदेश सरकार उनके नाम के साथ राजनीति कर रही है। सरकार को ऐसा आदेश नहीं देनी चाहिए थी।

गठबंधन से बौखला गई है भाजपा- सपा


वहीं, समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रहे पूर्व विधायक शाहिद मंजूर ने कहा कि भाजपा सरकार सपा-बसपा गठबंधन से बौखला गई है। भाजपा के नेताओं को कुछ सूझ नहीं रहा कि वे क्या करें। इसलिए, भाजपा अब अंबेडकर के नाम पर राजनीति कर रही है। इसके पीछे भाजपा की मानसिकता है कि विपक्ष सरकार के नाम परिवर्तन के बाद इस मुद्दे का उठाए तो भाजपा विपक्ष पर वार करने से नहीं चूकेगी। सरकार अब बौखलाहट में इसी तरह के अजीबोगरीब कदम उठाएगी।

चुनाव में दलितों को रिझाने के लिए चली चाल- कांग्रेस

कांग्रेस के अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि यह भाजपा की दलितों का रिझाने के लिए चली गई चाल है। लेकिन, अब भाजपा के हाथ न तो दलित वोट आएंगे और न ही आम जनता भाजपा को वोट करेगी। भाजपा के हाथ से देश और प्रदेश दोनों निकल चुका है। भाजपा के दिन खत्म हो गए। डॉ. अंबेडकर का नाम परिवर्तित करना इस बात का प्रतीत है कि सरकार अब बहक गई है।

वोटो की राजनीति है- मुस्लिम मजलिश

इधर, इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश मुस्लिम मजलिश बोर्ड के उपाध्यक्ष बदर काजमी ने कहा कि यह भाजपा की वोटों की राजनीति है। बाबा साहेब के नाम को परिवर्तित कर वह दलित समाज व राजनीति को क्या संदेश देना चाहती है। यह बात समझ से परे है। भाजपा जैसी पार्टी को ऐसी ओछी राजनीति शोभा नहीं देती।

Updated on:
30 Mar 2018 04:48 pm
Published on:
30 Mar 2018 04:36 pm
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