Highlights - Meerut और Muzaffarnagar के बीच चल रही रस्साकशी - स्वयंसेवी संगठन और सामाजिक संगठनों ने की सांसद से मांग - दोनों जिलों के नेता खेल विवि अपने-अपने यहां बनवाने की मांग पर अड़े
मेरठ. खेल विश्वविद्यालय को लेकर मुजफ्फरनगर और मेरठ के बीच रस्साकशी तेज हो गई है। खेल विवि को लेकर भाजपा नेता तो आमने-सामने हैं ही अब स्वयंसेवी और समाजिक संगठन भी आगे आ गए हैं। खेल विवि को मेरठ में स्थापित करवाने के लिए मेरठवासी भी एकजुट हो गए हैं। शहर के विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और खेल व्यापार जगत से जुड़े संगठनों ने कहा है कि खेल विश्वविद्यालय पर मेरठ का हक है और यदि इसे छीनने की कोशिश हुई तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
प्रदेश सरकार के एक जिला एक उत्पाद, अंतरराष्ट्रीय पटल पर मेरठ की खेल इंडस्ट्री व मेरठ महानगर के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेलों में परचम लहराया है। देश की राजधानी से निकटता और आगामी वर्षों में मेरठ की सड़क व रेलमार्ग से बेहतर कनेक्टीविटी खेल विश्वविद्यालय खुलने के बाद इस शहर की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान बनेगी।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के मंडल प्रभारी विनेश कुमार जैन तथा जिला कबड्डी संघ के चेयरमैन रजनीश कौशल ने अन्य पदाधिकारियों के साथ सांसद राजेन्द्र अग्रवाल से मुलाकात कर गुजारिश की है कि वह मुख्यमंत्री तक मेरठ वासियों की यह मांग पहुंचाएं। खेल विश्वविद्यालय की शीघ्र मेरठ में ही स्थापना कराएं।
यूपी कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश सचिव चौधरी यशपाल सिंह ने केंद्रीय खेल मंत्री किरन रिजिजू को ज्ञापन भेजा है। इसमें मांग की है कि मेरठ में भारतीय खेल प्राधिकरण का एक केंद्र भी खोला जाए। उन्होंने कहा कि मेरठ ने अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है।