Highlights मेरठ में पिछले दो दिन से बिजली की खूब कटौती लॉकडाउन में उद्योग बंद होने पर भी मांग बढ़ी ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा हैं मेरठ के प्रभारी मंत्री
मेरठ। दो दिन में पारे क्या छलांग लगाई, जिससे बिजली कटौती का जिले में बुरा हाल हो गया। यह हालात तो तब हैं जबकि लॉकडाउन (Lockdown) में इस समय उद्योगों पर ताला लगा हुआ है। अगर कल-कारखाने चल रहे होते तो जिले की जनता का बिजली कटौती (Power Cut) में क्या हाल होता। मेरठ (Meerut) का यह हाल तो तब है जबकि ऊर्जा मंत्री (Power Minister) श्रीकांत शर्मा जिले के प्रभारी मंत्री हैं। गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। गर्मी में बिजली कटौती मुक्त के सभी दावे हवा हो गए।
तीन दिन से जारी भीषण गर्मी में बिजली डिमांड के सारे रिकार्ड टूट गए। जिले में बिजली डिमांड 700 एमवीए रिकार्ड की गई। जो पिछले साल मई महीने की डिमांड के बराबर पहुंच गई। जबकि लॉकडाउन के चलते औद्योगिक इकाइयां और व्यवसायिक बाजार सब बंद चल रहे हैं। इससे बिजली अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
बिजली अधिकारियों के मुताबिक मार्च में जब लॉकडाउन नहीं था। सभी औद्योगिक इकाइयां, बाजार सब खुले थे तब बिजली की पीक डिमांड 571 एमवीए थी, लेकिन जैसे ही 22 मार्च से लॉकडाउन शुरू हुआ। सारे कारखाने व बाजार बंद हुए एकाएक बिजली डिमांड घटकर 340 एमवीए पर आ गई थी। अप्रैल भर इसी के आसपास डिमांड बरकरार रही। अधीक्षण अभियंता शहर एके सिंह के अनुसार मई महीने की अब तक की सबसे ज्यादा बिजली डिमांड 690 एमवीए रविवार को दर्ज हुई। मांग अधिक होने के कारण ही बिजली ट्रिपिंग बढ़ गई है। फॉल्ट अधिक हो रहे हैं। रविवार और सोमवार को आबूलेन सदर बाजार क्षेत्र, शास्त्रीनगर सेक्टर आठ, मोहकमपुर समेत पुराने शहर में बिजली दिनभर आंख-मिचौली करती रही।