सीरिया में जारी कत्लेआम के खिलाफ मेरठ शहर के लोगों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया।
मेरठ। सीरिया में हो रहे कत्लेआम के खिलाफ मेरठ जिले में भी आवाज उठने लगी है। मेरठ में एक स्वयंसेवी संगठन ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रर्दशन के दौरान प्रदर्शनकारी नारे लगाकर चल रहे थे जिसमें कहा जा रहा था सीरिया में मासूमों पर हो रहे अत्याचार बंद करो-बंद करो।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मौ0 असलम मलिक का कहना था कि वे इस प्रदर्शन के माध्यम से सीरिया, इजराइल और रूस के हुक्मरानों को मैसेज देना चाहते हैं। सीरिया में छोटे-छोटे बच्चों के ऊपर हो रहा कत्लेआम बहुत गलत है। हम प्रदर्शन के माध्यम से तीनों हुकूमतों को मैसेज देना चाहते हैं कि वो किसी के घर को न उजाड़ें, नहीं तो ऐसे लोग दहदशतगर्द बन जाते हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मुस्लिमों को कमजोर न समझा जाए। यह जब तक खामोश हैं तब तक हैं, जिस दिन इनकी खामोशी टूटेगी उस दिन भूचाल आ जाएगा। प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे कि उठेगी जब एक ईंट तो पत्थर उसका जवाब होगा।
मासूमों का कत्लेआम बंद करो, रूस-अमरीका मुर्दाबाद
प्रदर्शनकारी लोग मेरठ के हापुड़ बस स्टैंड चौराहे पर एकत्र हुए और वहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए बच्चा पार्क की ओर बढ़ने लगे। प्रदर्शनकारियों ने रूस और अमरीका विरोधी तख्तियां ली हुई थीं। ये लोग मासूमों का कत्लेआम बंद करो, रूस-अमरीका मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे।
बच्चा पार्क पर पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया और राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। जिसमें भारत सरकार को सीरिया मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि सीरिया में भारतीय मुसलमान भी रहते हैं, उन पर भी मुसीबत आई हुई है। इस कारण भारत सरकार मुस्लिमों की हिफाजत और सीरिया में अमरीका और रूस द्वारा किए जा रहे व्यवहार पर एतराज जताना चाहिए।