
मेरठ। मेरठ के लाल शहीद अजय कुमार के घर पर इस समय मातम छाया हुआ है। एक तरफ पिता वीरपाल सिंह शहीद अजय के ढाई साल के बेटे को लेकर बैठे हैं तो वहीं दूसरी ओर शहीद के घर के भीतर से रह-रहकर महिलाओं की रोने की आवाजें आ रही हैं, जो मौके पर मौजूद सभी लोगों की आंखों को गीला कर देता है।
शहीद अजय के पिता गमगीन आंखों से कहते हैं कि आखिर कब तक देश इन सब को सहेगा। अब आर-पार की लड़ाई भारत को करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश के दुश्मनों को सबक सिखाना होगा। बताते चलें कि मेरठ के लाल जांबाज अजय कुमार पुलवामा में आतंकियों के खिलाफ चलाए गए एनकाउंटर अभियान में शहीद हो गए हैं। अपने सपूत की शहादत की खबर गांव टीकरी में आते ही चारों ओर कोहराम मच गया। शहीद अजय के घर ग्रामीणों और रिश्तेदारों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। परिवार की महिलाओं के रोने की आवाज जब बाहर बैठे पुरूषों को सुनार्इ देती है तो उनकी आंखों में भी पानी आ जाता है।
गांव को अपने बेटे के शहीद होने का गम है तो वहीं दुश्मनों के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश भी है। शहीद के गांववासियों का कहना है कि अब इंतजार बहुत हो चुका है। सरकार को सीधा दुश्मनों पर वार करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि एक के बदले हजार दुश्मनों का खात्मा करना चाहिए। पति अजय की शहादत की खबर जब से पत्नी ने सुनी हैं तब से उसके आंसू नहीं रुक रहे। शहीद की मां का भी रो-रोकर बुरा हाल है। रोते हुए मां ने कहा एक भी दुश्मन बचना नहीं चाहिए। मेरठ के जांबाज सिपाही अजय कुमार पुलवामा जिले के पिंगलिन इलाके में रविवार आधी रात के बाद शुरू हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए है। शहीद जवान अजय 2011 को 20 ग्रेनेडियर्स में नियुक्त हुए थे। वर्तमान में वह 55 राष्ट्रीय राइफल्स में कश्मीर में तैनात थे।