करीब चार लाख स्वयं सेवकों के लिए बस अड्डों पर सहायता कैंप, मुख्य मार्गों पर भी यही व्यवस्था
मेरठ। राष्ट्रोदय के लिए स्वयं सेवकों का आना शुरू हो गया है। मेरठ महानगर में चारों ओर अब आरएसएस के स्वयंसेवक ही नजर आ रहे हैं। आरएसएस के स्वयं सेवक समागम महाकुंभ के शुरू होने में हालांकि कम समय रह गय है, तो दूर से आने वाले स्वयंसेवकों का आना शुरू हो गया है।
बस अड्डों पर आरएसएस के कैंप
मेरठ के सभी सरकारी और प्राइवेट बस अड्डों पर आरएसएस के सहायता कैंप बनाए गए हैं। इन कैंपों में आरएसएस के कार्यकर्ता बैठे हुए हैं और ये लोग दूर से आने वाले स्वयंसेवकों को राष्ट्रोदय स्थल तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। इसी तरह का सहायता कैंप मेरठ के दोनों रेलवे स्टेशन पर बनाया गया है। वहां पर वाहनों की व्यवस्था की गई है। राष्ट्रोदय में आए स्वयंसेवकों को वाहन से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। मेरठ के सोहराब गेट बस स्टैंड पर बने कैंप में स्वयं सेवकों के लिए तैनात कार्यकर्ता ने बताया कि उनके कैंप को 10 गाडियां दी गई हैं। जो स्वयं सेवकों को राष्ट्रोदय चौक तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
शहर के भीतर भी लगे कैंप
आरएसएस ने शहर के भीतर भी स्वयंसेवकों की सहायता के लिए कैंप लगाए हैं। महानगर के मुख्य मार्गों और चौराहों पर सहायता कैंप लगाए गए हैं। इस सहायता कैंप में राष्ट्रोदय में आने वाले स्वयंसेवकों को जरूरत के मुताबिक सभी प्रकार की सहायत उपलब्ध कराई जा सकेगी।
शहर में दौड़ रही आरएसएस की ई रिक्शा
राष्ट्रोदय चौक तक कार्यकर्ताओं को पहुंचाने के लिए महानगर में करीब 100 ई रिक्शा आरएसएस ध्वज और राष्टोदय का बैनर लगाकर घूम रही हैं। जिनमें स्वयंसेवक बिना किराया दिए बैठकर आराम से राष्ट्रोदय कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकता है।
कार्यकर्ता किए तैनात
बाइक और स्कूटी से कार्यकर्ता भी महानगर में भगवा ध्वज लगाकर घूम रहे हैं जो बाहर से आने वाले स्वयं सेवकों को समागम स्थल तक पहुंचने में मदद कर रहे हैं।