पुराने वाहन का समय से रजिस्ट्रेशन और फिटनेस करा लें नहीं तो प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना चुकाना होगा। पुराने वाहनों के री—रजिस्ट्रेशन और फिटनेस देरी से कराने पर प्रतिदिन और महीने के हिसाब से जुर्माना देने पर ही सर्टिफिकेट मिलेगा। मेरठ आरटीओ कार्यालय में भी इसके निर्देश आ गए हैं और आरटीओ के साफ्टवेयर में भी यह जुर्माना फीड कर दिया गया है।

अब पुराने वाहनों का री—रजिस्ट्रेशन और फिटनेस समय से नहीं कराने पर भारी—भरकम जुर्माना भरना पड़ेगा। यानी पुराने वाहनों का री—रजिस्ट्रेशन और फिटनेस कराने में हुई लापरवाही जेब पर भारी पड़ेगी। इसके लिए प्रतिदिन से लेकर महीने के हिसाब से जुर्माना चुकाना होगा। उसके बाद ही पुराने वाहनों का री—रजिस्ट्रेशन और फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त हो सकेगा। नई व्यवस्था के तहत कामर्शियल वाहन पर 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना भरना होगा। इस जुर्माने को आरटीओ विभाग के साफ्टवेयर में भी फीड कर दिया गया है। यानी अब इसमें कोई जुगाड़ भी नहीं चल सकेगा। पुराने वाहनों के तय तारीख तक री रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर 500 रुपये प्रतिमाह जुर्माना कार पर देना होगा। जबकि दो पहिया वाहनों पर 300 रुपये प्रतिमाह जुर्माना भरना होगा। वहीें व्यवसायिक वाहनों और बड़े वाहनों पर 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना तय किया है।
आरटीओ मेरठ हिमेश तिवारी ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार 1 अप्रैल 2022 से पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन शुल्क 10 गुना तक बढ़ा है। अब वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए वाहन मालिको को ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। परिवहन विभाग के नए नियमों के अनुसार इस नियमावली के तहत निजी और व्यावसायिक वाहन भी इसकी जद में आएंगे। इसके अतिरिक्त अब वाहनों के फिटनेस पर भी पेनाल्टी लगनी शुरू हो गयी है।
उन्होंने बताया कि देरी से वाहन का पंजीयन और फिटनेस की पेनाल्टी साफ्टवेयर में फीड कर दी गई है। उन्होंने बताया कि नए वाहनों के पंजीयन शुल्क में भी वृद्धि की गई है। मेरठ आरटीओ कार्यालय में इधर 1 अप्रैल के बाद भीड़ कुछ अधिक बढ़ी है। इनमें अधिकांश वो वाहन स्वामी हैं जो अपने वाहनों के री—रजिस्ट्रेशन और फिटनेस के लिए आ रहे हैं। इससे आरटीओ विभाग में भी काम का बोझ बढ़ा है।