मेरठ

जब सपा, रालोद और कांग्रेस ने मिलाया हाथ, तो भगवा पार्टी यहां हो गई चारों खाने चित

सपा, कांग्रेस और रालोद ने गठबंधन करके चुनाव में भाजपा को धूल चटाया।
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Dec 21, 2017
rld congress and sp alliance Defeated bjp

मेरठ। उत्तर प्रदेश में इस बार हुए विधान सभा चुनाव से पहले सपा, कांग्रेस और रालोद के महागठबंधन को लेकर खूब चर्चा हुर्इ, तमाम तरह के दावे किए गए। सपा और कांग्रेस तो एकसाथ आ भी गर्इ, लेकिन रालोद अलग हो गर्इ थी। विधान सभा चुनाव के परिणाम आने के बाद तीनों पार्टियां अपने-अपने रास्ते हो लीं। तीनों पार्टियों के बड़े नेता अकेले-अकेले पार्टी को फिर उभारने में लग गए। इन पार्टियों के अकेलेपन से भाजपा को बड़ा फायदा हुआ है, लेकिन हाल ही में विश्वविद्यालय कैंपस व कॉलेजों में हुए छात्र संघ चुनाव से भाजपा नेताओं की नींद उड़ी हुर्इ है। दरअसल, सपा, कांग्रेस व रालोद की यूथ ब्रिगेड के महागठबंधन ने ऐसा इतिहास रच दिया है, जिसे कभी सोचा ही नहीं गया। तीनों पार्टियों के शीर्ष नेताओें की मूक सहमति के बाद बनाए गए इस यूथ ब्रिगेड महागठबंधन ने आपस में मिलकर भाजपा की यूथ ब्रिगेड एबीवीपी को चारों खाने चित कर दिया है। शहर के अभी अन्य कालेजों में भी छात्र संघ चुनाव होने जा रहे हैं, वहां भी पहले से ही इन तीनों पार्टियों के महागठबंधन से चुनाव लड़ने की तैयारी है। इससे भाजपा-एबीवीपी नेताओं में बेचैनी बढ़ गर्इ है।

कैंपस और कॉलेज में जीत

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस और मेरठ कॉलेज छात्र संघ चुनाव में रालोद, एनएसयूआर्इ व सपा छात्र सभा के महागठबंधन ने एबीवीपी का सूपड़ा साफ किया है। यह तब है जब एबीवीपी के पीछे भाजपा नेताओं की पूरी फौज लगी हुर्इ थी। कैंपस व मेरठ कॉलेज चुनाव में इस महागठबंधन के उम्मीदवार अध्यक्ष समेत अन्य महत्वपूर्ण पदों पर विजयी रहे हैं। तीनों पार्टियों की यूथ ब्रिगेड ने जीत के बाद एक साथ डांस किया और तीनों पार्टियों के गठबंधन के जयकारे लगाए। ऐसा छात्र संघ चुनाव के इतिहास में कभी नहीं हुआ।

नर्इ पीढ़ी दे रही शीर्ष नेताओं को संकेत

सीसीएस विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष व रालोद के वरिष्ठ नेता डॉ राजकुमार सांगवान ने कहा कि इन चुनावों के परिणामों से नर्इ पीढ़ी ने अपनी-अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं को बेहतर संदेश दिया है कि मौजूदा समय में भाजपा के खिलाफ सभी पार्टियों के नेताओं को एक मंच पर आने की जरूरत है। सांगवान का कहना है कि भाजपा ने देश व प्रदेश में जो माहौल बना दिया है, उससे लड़ने के लिए सबको एक मंच पर आना पड़ेगा, इसकी शुरुआत नर्इ पीढ़ी ने कर दी है। शीर्ष नेताओं को इस बात पर सोचना चाहिए। साथ ही भाजपा जिस तरह र्इवीएम से जीतती आ रही है, यहां बैलेट पेपर पर चुनाव होते ही हार गर्इ। तीनों पार्टियों की नर्इ पीढ़ी ने आने वाले समय में महागठबंधन का जबरदस्त संकेत और संदेश दिया है।

इससे अच्छा कोर्इ संदेश नहीं

एनएसयूआर्इ के पूर्व प्रदेश महामंत्री व जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित नवनीत नागर का कहना है कि तीनों पार्टियों के युवा नेताओं ने जिस तरह कैंपस व छात्र संघ चुनाव में जीत हासिल की है, इससे आने वाले समय में निश्चित रूप से फायदा होगा। हमें इनकी हौसलाफजार्इ करनी चाहिए, क्योंकि भाजपा जिस तरह की राजनीति करके सत्ता पर काबिज हुर्इ है, उससे देश को नुकसान है। उनका कहना था कि निकाय चुनाव में भी यदि मेयर पद के लिए तीनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ती तो स्थिति कुछ और होती।

Updated on:
21 Dec 2017 02:52 pm
Published on:
21 Dec 2017 02:52 pm