मेरठ में एक डॉगी ने अपनी जान पर खेलकर मालिक की जान बचाई। रसेल वाइपर सांप ने डॉगी को 26 जगहों पर काटा। लेकिन उसने उसे फिर भी नहीं छोड़ा। डॉगी मिनी ने 27 घंटे बाद अस्पताल में दम तोड़ दिया।
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक वफादार डॉगी ने अपने मालिक के बेटे की जान बचाने के लिए खुद की जान दे दी। यह घटना दौराला क्षेत्र की 3-4 जून की दरमियानी रात की है। अमेरिकन बुल नस्ल की डॉगी मिनी ने एक बेहद जहरीले रसेल वाइपर सांप से मुकाबला किया और अपने जबड़े में दबाकर रखा, भले ही सांप ने उसे 26 बार डसा। 27 घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मिनी ने दम तोड़ दिया।
दौराला के मोहल्ला रामपुरी निवासी किसान अजय कुमार उर्फ कल्लू कोल्हू चलाते हैं। मंगलवार रात को उनका बेटा वंश (23) गैलरी में चारपाई पर सो रहा था। रात करीब 3 बजे घर में रसेल वाइपर प्रजाति का एक सांप घुस आया। सांप सीधे वंश की चारपाई की तरफ बढ़ रहा था, तभी पालतू डॉगी मिनी सांप के सामने आ गई।
वंश ने बताया कि जब उसकी नींद खुली तो उसने देखा कि मिनी ने सांप को अपने जबड़े में जकड़ रखा था। सांप लगातार फुंकार के साथ मिनी को डस रहा था, लेकिन मिनी उसे अपने दांतों से दबाकर चारपाई से दूर करती रही। मिनी के भौंकने की आवाज सुनकर वंश ने तुरंत अपने माता-पिता को बुलाया।
परिवार वालों ने कड़ी मशक्कत के बाद सांप को पकड़ा और उसे एक डिब्बे में बंद कर जंगल में छोड़ दिया। इसके बाद मिनी को तुरंत मोदीपुरम पशु चिकित्सालय ले जाया गया। वहां से उसे गाजियाबाद के डॉक्टर के पास ले जाया गया।
कल्लू ने बताया कि सांप के लगातार डसने के कारण मिनी की हालत बिगड़ती जा रही थी। वह 27 घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझती रही, लेकिन आखिर में उसने दम तोड़ दिया। मिनी की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में है। कल्लू ने बताया कि मिनी को वे तब लाए थे जब वह एक महीने से भी कम उम्र की थी। पांच साल से वह उनके घर में परिवार के सदस्य की तरह थी। वह बेहद वफादार थी और हमेशा परिवार की सुरक्षा करती थी।
परिवार में मिनी की कमी को पूरा करने के लिए बुधवार शाम वे एक छोटा डॉगी खरीदकर लाए हैं, जिसे 10 हजार रुपये में खरीदा गया है। इस नए डॉगी का नाम भी 'मिनी' ही रखा गया है। परिवार ने सांप को मारा नहीं बल्कि उसे जंगल में छोड़कर आए।
वन विभाग के डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि उन्हें इस घटना के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी, लेकिन सांप की फोटो देखकर लग रहा है कि वह रसेल वाइपर ही है। यह प्रजाति का सांप बेहद विषैला होता है। सरधना रेंज क्षेत्र में 28 प्रजाति के सांप पाए जाते हैं, जिनमें रसेल वाइपर, कोबरा और कॉमन क्रैत सबसे जहरीले होते हैं।
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राजेश कुमार ने बताया कि रसेल वाइपर गुस्सैल प्रवृत्ति का सांप होता है और यह काटने के बाद एमोटॉक्सिन जहर छोड़ता है, जिससे खून जम जाता है और एक घंटे के भीतर ही मौत हो सकती है।