खास बातें Sawan 2019 में पहला साेमवार 22 जुलार्इ को 15 August को सावन महीने का समापन सावन सोमवार व्रत रखने से प्रसन्न होते हैं शिव
मेरठ। मान्यता है कि यदि पूरे वर्ष भगवान शिव की पूजा नहीं करके सिर्फ सावन के महीने में करें तो उसका सर्वश्रेष्ठ फल मिलता है। भगवान शिव (Lord Shiva) सावन के महीने में भक्तों की पूजा-अर्चना से अति प्रसन्न होते हैं आैर उन्हें आशीर्वाद प्रदान करते हैं। भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत शुभकारी कहा गया है। इसलिए लोग सावन के महीने का बेसब्री से इंतजार करते हैं आैर सावन शुरू होते ही शिवालयों में पूजा-अर्चना करते हैं। Sawan Somvar Vrat 2019 में पहला व्रत 22 जुलार्इ को है। सावन शिवरात्रि 30 जुलार्इ मंगलवार को है। सावन मास के प्रत्येक सोमवार को व्रत आैर रोजाना पूजा-अर्चना से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।
सावन सोमवार व्रत विशेष लाभकारी
सावन मास में व्रत रखना विशेष फलदायी माना जाता है। इस महीने सोमवार के दिन जो व्रत रख जाता है, उसे सावन सोमवार व्रत (Sawan Somvar Vrat) कहते हैं। शिवभक्त सावन के 16 सोमवार के व्रत यदि सावन में शुरू करें तो बहुत शुभ माना जाता है। एेसी मान्यता है कि श्रावस मास (Shrawan Maas) भगवान शिव को सबसे प्रिय है। इस माह में सोमवार का व्रत और सावन स्नान की परंपरा है। श्रावण मास में बेल पत्र (Bel patra) से शिव की पूजा और जल चढ़ाना बहुत फलदायी होता है। इसका जिक्र शिव पुराण (Shiv Puran) में भी है। शिव पुराण के अनुसार जो कोई व्यक्ति सावन महीने में सोमवार का व्रत करता है भगवान शिव उसकी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं।
सावन सोमवार व्रत की पूजा विधि
सावन मास 2019 का पहला सोमवार 22 जुलार्इ को है। अन्य तीन सोमवार 29 जुलार्इ, 5 अगस्त व 12 अगस्त को होंगे। शिवभक्तों के लिए इस महीने चार सोमवार होने से भोलेनाथ (Bolenath) को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा समय है। सावन सोमवार को सुबह शौच आदि से निवृत्त होकर स्नान करें। घर के मंदिर को साफ करके भगवान शिव की मूर्ति स्थापित करें आैर सच्चे मन से भगवान शिव के व्रत का संकल्प लें। सुबह व शाम को दो बार तिल के तेल का दीपक जलाएं आैर प्रार्थना करें। मंत्र 'आेम् नमः शिवाय' (Om Namah Shivaya) का जप करें। शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग (Shivling) पर दूध अर्पित करें। मंत्रोच्चारण के साथ शिव को सुपारी, पंचामृत, नारियल व बेल की पत्तियां चढ़ाएं। शाम के समय घर में सावन व्रत कथा का पाठ व पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरित करें आैर फिर व्रत पूरा करें। एेसा करने से भगवान शिव का आशीर्वाद जरूर प्राप्त होता है। अविवाहित महिलाएं अच्छे वर के लिए यह व्रत करती हैं। साथ ही विवाहित महिलाआें को भी अपना जीवन सुखमय बनाने के लिए सावन सोमवार व्रत करने चाहिए।