मेरठ

कांवड़ यात्रा में हाइवे पर रहेगी सख्त निगाह, इतनी दूरी पर होंगी ये सुरक्षा व्यवस्थाएं

नौ अगस्त को है सावन शिवरात्रि, 24 जुलार्इ से शुरू हो जाएगी यात्रा  

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Jul 22, 2018
meerut
कांवड़ यात्रा में हार्इवे पर प्रत्येक आठ किलोमीटर पर होगी ये सुरक्षा व्यवस्थाएं

मेरठ। इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान प्रत्येक आठ किमी पर पीआरवी लगाई जाएगी। इसके लिए 31 जुलाई से पूर्व सभी पीआरवी वैन को जीपीएस युक्त कर लिया जाएगा। प्रत्येक आठ किलोमीटर पर एक पीआरवी लगाने का उद्देश्य यदि कोई घटना हो जाती है तो घटना स्थल पर पहुंचने का समय कम से कम हो यह सुनिश्चित करना होगा। 24 जुलार्इ से कांवड़ यात्रा शुरू हो जाएगी। सावन शिवरात्रि नौ अगस्त की है।

सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए व्हाट्स एेप ग्रुप

सूचना तंत्र को मजबूत बनाने व व्हाटस ऐप ग्रुप बनाकर सूचनाओं का आदान प्रदान किया जाएंगा। साथ ही कन्ट्रोल रूम में पंडाल के शिविर संचालकों, सेवकों को अधिकारियों का नम्बर रखने के लिए कहा गया है।

ट्रक के नीचे न सोए कोई भी कांवड़िया

रात्रि में कोई भी कांवड़िया ट्रक आदि के नीचे न सोए यह भी सुनिश्चित करने के लिए डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष तक कांवड़ मार्ग की दोनों पटरियां बन जा, ताकि नेशनल हाइवे पर ट्रैफिक का लोड कम हो।

नहीं होगी हॉकी, तलवार व बैट लेकर चलने की अनुमति

डीजीपी ने अच्छे कार्यों को टवीटर आदि सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों के पास आईडी कार्ड हो यह सुनिश्चित करें। उन्होंने सोशल मीडिया पर क्या करें क्या न करें का प्रचार करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान हॉकी, तलवार व बैट साथ लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। बुजुर्ग कांवड़ियों को इससे छूट होगी। वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह झाड़ियों, पेड़ों की टहनियों व गूलर के पेड़ों की छटाई आवश्यक रूप से कराए व सर्तकता के दृष्टिगत लाल झण्डी लगवाए। आंधी, बारिश में पेड़ गिरने पर तत्काल हटवाना सुनिश्चित करें।

अतिरिक्त कांवड़ व गंगाजल की रहे व्यवस्था

पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि सुरक्षा की माकूल व्यवस्था रहेगी। जनपदों को पीसीसी व आरएएफ भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हाईवे पर सभी कट बंद किए जाएगें। उन्होंने कहा कि थानों, कांवड़ सेवा शिविरों व पीआरवी गाड़ियों में अतिरिक्त कांवड़ व गंगाजल की व्यवस्था की जाए, ताकि यदि किसी कांवड़िए की कांवड़ खण्डित हो जाती है तो उसको तत्काल अन्य कांवड़ व गंगाजल उपलब्ध हो सके तथा उसकी यात्रा सफल हो सके।

Published on:
22 Jul 2018 09:16 am