मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के इंद्रानगर में हुई सौरभ राजपूत की निर्मम हत्या ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। उसकी पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर न केवल उसे बेरहमी से मार डाला, बल्कि शव को टुकड़ों में काटकर ड्रम में डाल दिया और ऊपर से सीमेंट भर दिया।
जब पोस्टमार्टम के बाद सौरभ का शव घर पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। शव की हालत इतनी खराब थी कि मां और बहन बार-बार उसका चेहरा देखने की गुहार लगाती रहीं लेकिन यह संभव नहीं हो सका।
जिस बेटे और भाई को पूरा परिवार प्यार से पाल-पोसकर बड़ा कर रहा था, कभी सोचा भी नहीं था कि उसकी मौत के बाद वे उसका चेहरा भी नहीं देख पाएंगे। जब प्लास्टिक में लिपटा शव घर लाया गया, तो रिश्तेदारों और पड़ोसियों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई उसकी एक झलक पाना चाहता था, लेकिन शव की हालत इतनी खराब थी कि किसी को भी चेहरा दिखाने की इजाजत नहीं दी गई। मां और बहन शव से लिपटकर बिलख-बिलख कर रो रही थीं, बार-बार उसका चेहरा देखने की गुहार लगा रही थीं, मगर परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
पुलिस ने इस जघन्य हत्या के आरोप में मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को 18 मार्च को गिरफ्तार कर लिया था। बुधवार को जब दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, तो कचहरी में वकीलों ने उनकी जमकर पिटाई कर दी थी।
पोस्टमार्टम के दौरान शव की हालत देख डॉक्टरों ने उसे प्लास्टिक की कफन में पैक कर दिया था। जब शव घर पहुंचा, तो हर आंख नम थी। सौरभ का भाई पास बैठकर फूट-फूटकर रो रहा था जिसे दोस्तों ने संभाला। शव को पॉलीथिन की डबल पैकिंग में रखने के कारण किसी को चेहरा देखने नहीं दिया गया। जब शव यात्रा निकली, तो पूरे इलाके में मातम छा गया। मां, बहन और भाई का रो-रोकर बुरा हाल था। अंततः सूरजकुंड श्मशान घाट पर सौरभ का अंतिम संस्कार कर दिया गया।