कोठों पर काम करने वाली सेक्स वर्कर ने बैठक में पुलिस को आश्वासन दिया है।
मेरठ। जिले के रेड लाइट एरिया से गुजरने में हर कोई संकोच करता है जिसके चलते अब मेरठ की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, मेरठ स्थित कबाड़ी बाजार में कोठों की दहलीज पर अब सेक्स वर्कर न तो सीटी बजाएंगी और न ही खिड़कियों में खड़ी होकर लोगों को इशारे कर बुलाएंगी। इसके साथ ही पुलिस द्वारा सेक्स वर्कर का काम करने वाली महिलाओं से देह व्यापार न करने की अपील भी की गई है।
नहीं बजेगी सीटी, न होंगे इशारे
इस बाबत एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग पुलिस इंस्पेक्टर असमा वाजिद ने रेड लाइट एरिया के एक कोठे पर बैठक बुलाकर सभी सेक्स वर्कर्स को बताया कि कबाड़ी बाजार में मंदिर , दुकान और स्कूल-कॉलेज भी मौजूद हैं और ऐसे में कोठों की खिड़कियों से इशारे करने और सीटी बजाने से माहौल खराब होता है। जिसके चलते इस रास्ते से निकलने वाली छात्राएं व युवतियां असहज महसूस करती हैं। इस पर सभी सेक्स वर्कर ने पुलिस को भरोसा दिलाया कि आगे से वह ध्यान रखेंगी और अब ऐसा नहीं करेंगी।
सरकार दे पुनर्वास का मौका तो छोड़ देंगे ये धंधा
बैठक के दौरान सेक्स वर्कर ने इंस्पेक्टर को बताया कि उनके यहां धंधा पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है। लेकिन वर्तमान की पीढ़ी ऐसी है, जिसे उन्होंने इस धंधे से दूर रखा है। जिसके चलते उनके बच्चे दूर शहरों में अच्छी शिक्षा हासिल कर रहे हैं और वह कभी अपने बच्चों को यहां नहीं बुलातीं। इस पर पुलिस ने इन महिलाओं से अपील कर कहा कि वह नाबालिगों लड़कियों को इस देह व्यापार में न धकेलें और खुद भी इस रास्ते से हटें। महिलाओं कहा कि यदि सरकार उन्हें पुनर्वास का मौका दे, तो वह शायद ये धंधा छोड़ दें।
कई राज्यों से लाई जाती हैं लड़कियां
बता दें कि मेरठ के रेड लाइट एरिया के नाम से मशहूर कबाड़ी बाजार में देह व्यापार के लिए पश्चिम बंगाल, नेपाल, बिहार, मध्य प्रदेश , राजस्थान समेत कई राज्यों से लड़कियों को लाया जाता है। इस जगह करीब 100 से अधिक कोठे हैं, जहां तकरीबन 5 सौ से ज्यादा युवतियां सेक्स वर्कर का काम करती हैं।
एएचटीयू प्रभारी असमा वाजिद ने बताया कि कबाड़ी बाजार के ज्यादातर कोठों को नृत्य एवं कला केंद्र का लाइसेंस जारी है। लेकिन सभी कोठे देह व्यापार में लिप्त हैं। महिलाओं को इस धंधे से निकलने के लिए जागरूक किया गया है।