मेरठ

एक भी दीया नहीं बेच सकी गरीब बच्चियां तो खुद सड़क पर बैठ थानेदार ने मिनटों में बेचे सारे दीये

Highlights - मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र स्थित किशनपुरा का मामला - मासूम बच्चियों की बात सुन भर आईं थानेदार की आंखें - थानेदार की अपील पर लोगों ने खरीदे सभी दीये

less than 1 minute read
Nov 14, 2020
meerut2.jpg

मेरठ. दिवाली के मौके पर बुलंदशहर मामले को लेकर जहां खाकी की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं मेरठ में पुलिस ऐसा मानवीय चेहरा सामने आया है, जिसकी आप भी तारीफ करेंगे। दरअसल, शहर में गश्त पर निकले एक दरोगा ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है।

बताया जा रहा है क मेरठ के टीपी नगर थाने के एसएचओ विजय कुमार गुप्ता पुलिस फोर्स के साथ दिवाली के त्योहार के मद्देनजर शहर में सुरक्षा व्यवस्था जांचने निकले थे। इसी बीच उनकी नजर सड़क किनारे किशनपुरा क्षेत्र मे दीये बेच रही दो बच्चियों पर पड़ी। जैसे ही थानेदार उन बच्चियों के पास पहुंचे तो उन्हें लगा कि वह उनकी दुकान हटवाने आए हैं। यही सोच बच्चियां रोने लगीं। थानेदार ने बच्चियों से पूछा तो दोनों बच्चियों ने भरे गले से बताया कि सुबह से कोई सामान नहीं बिका है, उनकी दिवाली आखिर कैसे मनेगी। मासूम बच्चियों की यह बात सुन थानेदार की आंखें भी भर आईं।

थानेदार ने बच्चियों की बात सुनते ही उनके आधे दीये दोगुनी कीमत में खुद ही खरीद लिए। इतना ही नहीं बाकी बचे दीये बेचने के लिए वह खुद लोगों से दीये खरीदने की इस तरह अपील करने लगे, जैसे खुद ही बेच रहे हों। थानेदार को बच्चियों संग दीये बेचता देख लोगों ने कुछ ही देर में सभी दीये खरीद लिए। इसके बाद बच्चियों को थानेदार ने दिवाली के तोहफे के साथ मिठाई देने हुए घर भेज दिया। थानेदार की ये दरियादिली क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

Published on:
14 Nov 2020 04:36 pm