मेरठ

किसान के बेटे ने दिव्यांग होने के बाद भी नहीं मानी हार, फ्रांस में कर दिया कमाल

इंजीनियरिंग पूरी कर शूटर बना था किसान का बेटा
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Updated: 28 Sep 2018, 2:39 PM IST
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किसान के बेटे ने दिव्यांग होने के बाद भी नहीं मानी हार, फ्रांस में कर दिया कमाल

बागपत।किसी ने सही कहा जब इरादे मजबूत हो तो मंजिल अपने आप मिल जाती है।यह बात पश्चिम उत्तरप्रदेश के किसान के दिव्यांग बेटे ने साबित करके दिखा दी।अब उसने देश ही नहीं बल्कि विदेश यानि फ्रांस में जाकर भारत का नाम रोशन कर दिया है।इसकी वजह पैरा शूटर दीपेंद्र सिंह ने फ्रांस में रजत पदक जीतना है।दरअसल किसान के बेटे पैरा शूटर दीपेंद्र सिंह ने फ्रांस में रजत पदक जीता है।यही नहीं 2020 में होने वाले पैरा ओलंपिक के लिए कोटा भी हासिल कर लिया है।और वर्ल्ड कप की तैयारी शुरू कर दी है।

फ्रांस में चल रहा है इसका आयोजन

गौरतलब है कि फ्रांस के चिकोजोंग शहर में 23 से 30 सितंबर तक पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप का आयोजन हो रहा है।जिसमें बिनौली के वीर शाहमल रायफल क्लब के पैरा शूटर दीपेंद्र सिंह भी भाग ले रहे हैं।दीपेंद्र के पिता एक किसान है।लेकिन बेटा इंजीनियरिंग करने के बाद भी शूटर बनने की तमन्ना रखता है और अब तक कई मेडल भी ले चुके है।वर्ल्ड कप में गोल्ड लेने की तम्मना दीपेंद्र को कदम दर कदम आगे बढ़ाती है।दीपेंद्र ने गुरुवार को 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में देश की ओर से चुनौती पेश करते हुए सटीक निशाने लगाकर 569/600 का स्कोर बनाकर रजत पदक जीता।अपने प्रदर्शन के बूते दीपेंद्र ने वर्ष 2020 में होने वाले पैरा ओलंपिक के लिए भी कोटा हासिल कर लिया है।

पैरा आेलंपिक में भी बनार्इ जगह

उनके प्रदर्शन पर कोच अमित श्योराण ने कहा कि दीपेंद्र अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखेगा तथा पैरा ओलंपिक में भी देश के लिए तमगा जरूर जीतेगा।वही दीपेंद्र का कहना है की उसके कोच ही उसकी प्रेरणा है जो उसको आगे बढ़ने को प्रेरित करते है।रजत पदक जीतने पर बागपत क्लब पर साथी निशानेबाजों ने जश्न मनाया। बता दें कि हाल ही में इसी क्लब के सौरभ चौधरी ने एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था।

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28 Sep 2018, 2:39 PM IST
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