मेरठ

गेट पर रोकने के विवाद में सुभारती विश्वविद्यालय के बाउंसर की गोलियां बरसाकर हत्या, एक गंभीर घायल

खास बातें सुभारती विश्वविद्यालय के गेट नंबर सात पर कार से पहुंचे थे हमलावर पांच युवक ग्रामीणों ने विश्वविद्यालय में पहुंचकर किया हंगामा आैर इमरजेंसी वार्ड में तोड़फोड़ दो हमलावरों की हुर्इ पहचान, पुलिस अफसरों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली

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Jun 10, 2019
गेट पर रोकने के विवाद में सुभारती विश्वविद्यालय के बाउंसर की गोली मारकर हत्या, दूसरा घायल

मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय के गेट पर एंट्री नहीं करने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि कार सवार युवकों ने गेट पर बाउंसर की गोली मारकर हत्या कर दी। इसी गोलीबारी में सिक्योरिटी सुपरवाइजर भी गंभीर घायल हो गया। इसकी जानकारी जब बाउंसर के गांव में पहुंची तो ग्रामीणों ने सुभारती विश्वविद्यालय पहुंचकर वहां हंगामा किया। स्टाफ के लोगों के साथ मारपीट की आैर जमकर तोड़फोड़ की। मौके पर पहुंची पुलिस ने इस बवाल को रोका। गोलबारी करने वाले कार सवारों में से दो की पहचान पुलिस ने कर ली है।

गेट पर ये हुआ देर रात

रविवार की रात करीब दस बजे दिल्ली- देहरादून हाइवे पर स्थित सुभारती विश्वविद्यालय के गेट नंबर सात पर एक कार में सवार पांच युवक पहुंचे। यहां तैनात सिक्योरिटी गार्डों ने इन्हें रोक लिया। इसके बाद कार सवार युवकों की गार्डों के साथ कहा-सुनी शुरू हो गर्इ। बात गाली-गलौच तक पहुंच गर्इ। यह सब हो ही रहा था कि शोर सुनकर परतापुर के बहादरपुर गांव निवासी बाउंसर मनोज नागर आैर रोहटा के डालमपुर निवासी सिक्याेरिटी सुपरवाइजर कृष्णवीर गेट की आेर दौड़े। अपने को घिरा देखकर कार सवार युवकों ने फिल्मी स्टाइल में ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी। इसी गोलीबारी में बाउंसर व सिक्योरिटी सुपरवाइजर को गोली लग गर्इ। गोलियां बरसाने के बाद युवक मौके से फरार हो गए। अन्य साथियों ने दोनों घायलों को सुभारती मेडिकल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बाउंसर मनोज की मृत्यु हो गर्इ थी। घायल सुपरवाइजर का इलाज चल रहा है।

ग्रामीणों ने किया हंगामा

बाउंसर मनोज के साथ गोलीबारी की खबर उसके गांव बहादरपुर पहुंची तो गुस्साए ग्रामीण सुभारती विश्वविद्यालय पहुंच गए। मृतक मेरठ ब्लाॅक प्रमुख नितिन कसाना का फुफेरा भार्इ बताया गया है। ब्लाॅक प्रमुख आैर ग्रामीणों ने वहां मौके पर पहुंचकर यहां जमकर हंगामा किया आैर तोड़फोड़ की। साथ ही स्टाफ को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। रविवार की देर रात तक हंगामेदार स्थिति बनी रही। मौके पर एसएसपी नितिन तिवारी, एसपी सिटी डा. एएन सिंह, सीआे सरधना पंकज सिंह पहुंचे आैर ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया।

गिरने पर भी गोली मारी

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गेट नंबर सात से एंट्री नहीं करने पर जब विवाद हुआ तो बाउंसर मनोज आैर सिक्योरिटी सुपरवाइजर कृष्णवीर वहां पहुंचे तो कार सवार युवकों ने ताबड़तोड़ गाेलियां बरसानी शुरू कर दी। बाउंसर मनोज के पैर में गोली लग गर्इ थी आैर वह नीचे गिर गया। युवकों ने उसके गिरने के बावजूद उस पर गोलियां बरसार्इ।सुपरवाइजर के हाथ में गोली लगने के बाद वह अन्य साथियों को बुलाने इमरजेंसी वार्ड की आेर दौड़ा, इतने में हमलावर युवक कार समेत फरार हो गए।

दो हमलावरों की हुर्इ पहचान

पुलिस की तफ्तीश में पांच हमलावरों में से दो की पहचान हुर्इ है। इनमें एक का नाम सूरज आैर दूसरा मोहित है। सूरज विश्वविद्यालय में ही फाइन आर्ट्स का छात्र है। मोहित की पत्नी फाइन आर्ट्स में फैकल्टी बतार्इ है। बताते हैं कि मोहित आैर उसकी शिक्षिका पत्नी में मनमुटाव चल रहा है आैर बात संबंध विच्छेद तक पहुंच गर्इ है। मोहित फाइन आर्ट्स के छात्र सूरज व अन्य को लेकर विश्वविद्यालय में एंट्री करने की कोशिश कर रहा था।

जवाब नहीं मिलने पर हंगामा

बताते हैं कि जब गोलीबारी की सूचना गांव पहुंची तो ब्लाॅक प्रमुख व अन्य ग्रामीण सुभारती विश्वविद्यालय पहुंचे। बाउंसर मनोज के बारे में पूछने पर प्रबंधन ने काफी देर तक कोर्इ जवाब नहीं दिया। बाद में पुलिस ने उसकी मौत की पुष्टि की तो गुस्साए ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया आैर इमरजेंसी में तोड़फोड़ व स्टाफ के साथ मारपीट शुरू कर दी। एसपी सिटी डा. एएन सिंह का कहना है कि सुभारती विश्वविद्यालय में हुर्इ घटना बहुत गंभीर है। आरोपियों के खिलाफ एनएसए की कार्रवार्इ की जाएगी। जिससे भविष्य में एेसी घटनाएं यहां नहीं हो पाए।

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Published on:
10 Jun 2019 07:51 am
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