Highlights कहा- समाज में सांप्रदायिकता फैलाने वालों से सावधान रहें शहरकाजी ने कहा- सभी को संविधान का सम्मान करना चाहिए शायरों ने देशभक्ति के अपने कलाम पेश किए, लोगों ने सराहा
मेरठ। 'वतन की खुशबू है तहजीब-ए-जमाना साथ रखते हैं, वजु के बर्तनों में आब-ए-गंगा साथ रखते हैं, वफादार-ए-वतन हम हैं, नहीं तो देख आकर मदीने तक भी अपना तिरंगा साथ रखते हैं'। यह कलाम जैसे ही मंच से पढ़ा गया, लोगों के भीतर देशभक्ति का जोश भर गया। रविवार की रात गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 'एक शाम वतन के नाम' मुशायरा हुआ। इसका आयोजन समाजवादी पार्टी की ओर से किया गया। इसमें कई शायरों ने देशभक्ति के कलाम पेश किए।
गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में महफिल-ए-मुशायरा का कार्यक्रम शहर के सपा नेता आदिल चौधरी के यहां हुआ। इसी बीच मंच पर शहर काजी, महिला समेत अन्य लोग भी मौजूद रहे। सपा नेता आदिल चौधरी ने बताया कि 26 जनवरी के मौके पर मुशायरा रखा गया। आज के दिन हमारे भारत का संविधान लागू हुआ था। नफरत हमारे दिलों से निकले। हिन्दू-मुस्लिम सब लोग मिलजुलकर रहें।
उन्होंने कहा कि जैसा कि आजकल नफरत का माहौल देश में पैदा किया जा रहा है। यह नहीं होना चाहिए। हमें भारत के संविधान पर गर्व करना चाहिए। हम अपने वतन और अमन से प्यार करते हैं। कुछ लोग देश में सांप्रदायिकता का जहर बो रहे हैं। हमको ऐसे लोगों से सावधान रहना होगा। इस दौरान मुजफ्फरनगर,रामपुर, बरेली, मेरठ, बिजनौर समेत कई शहरों से आए मशहूर शायरों ने देशभक्ति पर आधारित अपने कलाम पढ़े। शहरकाजी ने कहा कि हमको अपने देश के संविधान का सम्मान करना चाहिए। देश की शांति, अमन और तरक्की के लिए आगे आना चाहिए।