कानपुर मनी चेंजर गिरोह में सपा का एक नेता भी पकड़ा गया है।
बागपत। देश में नोटबंदी के कीरब 14 महीने बाद कानपुर में पुराने नोटों की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी हुई है। एनआईए और यूपी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 96 करोड़ 62 लाख के पुराने नोट बरामद किए हैं। छापेमारी के दौरान टीम को नोटों के तीन बिस्तर मिले। पुराने नोटों की बरामदगी बिल्डर आनंद खत्री के घर से हुई है। एनआईए और यूपी पुलिस ने मंगलवार को एक होटल और तीन अन्य ठिकानों पर छापा मारा था। इस मामले में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पकड़े गए लोगों में एक शख्स की पहचान सपा नेता के रूप में हुई है।
मनी चेंजर गिरोह में शामिल है सपा का नेता
पुलिस ने जिन 16 लोगों को गिरफ्तार किया है, उसमें एक शख्स की पहचान सपा नेता के रूप में हुई है। इस शख्स का नाम है संत कुमार यादव, जो मूलरूप से बागपत कके बुढसैनी गांव का रहनेवाला है। इलाके में उसकी पहचान सपा नेता के रूप में है। जानकारी के मुताबिक, करीब दस साल पहले संत कुमार ने एक कार्यक्रम में पूर्व सीएम अखिलेश यादव को बुलाया था। जिसके बाद वो काफी चर्चा में आ गया था। बता दें कि अखिलेश यादव उस समय कन्नौज से सांसद थे।
15 साल पहले खिलाड़ी बनने गया था लखनऊ
बताया जा रहा है कि संत कुमार के परिवार में उसकी मां और उसका भाई है। उसके पिता का निधन हो चुका है और वो खुद अविवाहित है। 15 साल पहले खिलाड़ी बनने के लिए वो अपने घर से लखनऊ चला गया था। इस दौरान वह लगातार सपा ऑफिस पर आने-जाने लगा था। जिसके कारण संत की कई सपा नेता से जान-पहचान हो गई थी। इतना ही नहीं संत कुमार नेशनल स्तर तक दौड़ प्रतियोगित में हिस्सा ले चुका है। इलाके में उसकी पहचान अखिलेश के करीबी लोगों में है।
सहारनपुर से भी जुड़े हैं तार
वहीं, पकड़े गए लोगों में दो की पहचान शहारनपुरवासी के रूप में हुई है। इससे एक बार फिर यह खुलासा हो गया कि नकली एंव पुरानी करेंसी का कारोबार सहारनपुर में जारी है। एसपी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि सहारनपुर के लोगों का मनीचेंजर रैकेट में शामिल होना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि पुलिस सहारनपुर में इस प्रकार की गितिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। साथ ही सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है।