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मेरठ सेंट्रल मार्केट संकट: 15वें दिन भी धरना जारी, महिलाओं का दर्द देखकर भावुक हुए सांसद अरुण गोविल

Meerut News: मेरठ के सेंट्रल मार्केट में आवास विकास परिषद की सात टीमों द्वारा नोटिस जारी करने की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। दुकानों और मकानों को बचाने के लिए 15वें दिन भी महिलाओं का धरना जारी है।

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मेरठ

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Aman Pandey

Apr 24, 2026

meerut central market notice action arun govil

मेरठ सेंट्रल मार्केट संकट | Image Video Grab

Central Market Meerut:यूपी के मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में शुक्रवार सुबह अचानक प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई, जब आवास विकास परिषद की सात अलग-अलग टीमें मौके पर पहुंचीं। दुकानों और मकानों को लेकर चल रही नोटिस प्रक्रिया ने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। आरटीओ रोड सहित कई हिस्सों में दुकानदारों को नोटिस दिए जाने लगे, जिससे व्यापारियों में बेचैनी फैल गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई, जिसने हालात को और गंभीर बना दिया।

15वें दिन भी नहीं थमा महिलाओं का धरना

सेंट्रल मार्केट में अपनी दुकानों और घरों को बचाने की मांग को लेकर महिलाओं का धरना लगातार 15वें दिन भी जारी रहा। लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने सरकार और प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की। धरने के दौरान कई महिलाएं भावुक नजर आईं और उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन इसी मार्केट और इन दुकानों पर निर्भर है। हालांकि गुरुवार को हुई उच्चाधिकारियों की वार्ता के बाद थोड़ी उम्मीद जगी थी, लेकिन शुक्रवार को फिर से स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

उच्चस्तरीय बैठक के बाद जगी थी समाधान की उम्मीद

कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, आवास एवं विकास परिषद के चेयरमैन पी. गुरु प्रसाद और आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने व्यापारियों के साथ विस्तृत बैठक की थी। इस बैठक में व्यापारियों की समस्याएं सुनी गईं और उनसे आवश्यक दस्तावेज भी लिए गए। अधिकारियों ने समाधान का आश्वासन दिया था, जिसके बाद धरना स्थल पर कुछ समय के लिए माहौल शांत होता दिखा था। लेकिन शुक्रवार की कार्रवाई ने फिर से हालात को तनावपूर्ण बना दिया।

सात टीमों की एक साथ कार्रवाई से बाजार में हलचल

शुक्रवार सुबह से ही आवास विकास परिषद की सात टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर नोटिस वितरण की कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले आरटीओ रोड क्षेत्र की दुकानों पर नोटिस चस्पा किए गए और व्यापारियों को आवश्यक जानकारी दी गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से बाजार में हलचल मच गई और लोग इकट्ठा होने लगे। प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की, जिससे किसी भी विरोध प्रदर्शन को रोका जा सके।

धरने पर बैठी महिलाओं की आंखों में छलका दर्द

धरने पर बैठी महिलाओं ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से अपने घर और दुकान बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। कई महिलाओं की आंखों में आंसू थे और उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि बिना सही समाधान के नोटिस देना उनके भविष्य को खतरे में डाल रहा है। हालांकि अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद उनमें असमंजस और चिंता बनी हुई है।

सांसद अरुण गोविल के पहुंचते ही भावुक हुआ माहौल

इस बीच मेरठ के सांसद अरुण गोविल सेंट्रल मार्केट धरना स्थल पर पहुंचे। उनके पहुंचते ही महिलाएं भावुक हो गईं और कई ने रोते हुए अपनी पीड़ा सुनाई। दुकानों और घरों को बचाने की गुहार लगाते हुए महिलाओं ने अपनी समस्याएं विस्तार से साझा कीं। पूरा माहौल भावनात्मक हो गया और वहां मौजूद लोग भी प्रभावित नजर आए।

मैं आपका भाई-बेटा हूं, कहकर दिया भरोसा

महिलाओं को शांत कराते हुए सांसद अरुण गोविल ने कहा कि वे कोई भगवान नहीं हैं, बल्कि जनता के भाई-बेटे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसा रास्ता निकाला जाएगा जिससे सभी को राहत मिल सके।