जम्मू-कश्मीर के राजौरी में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए मेरठ के सूबेदार राम सिंह, घर पर लगा शुभचिंतकों और रिश्तेदारों का तांता, आज घर पहुंचेगा पार्थिव शरीर।
मेरठ. जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के राजौरी जिले में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ (Terrorist Encounter ) में मेरठ निवासी सूबेदार राम सिंह शहीद (Subedar Ram Singh Martyr) हो गए हैं। शहीद सूबेदार राम सिंह के घर शुभचिंतकों और रिश्तेदारों का तांता लगा हुआ है। शहीद सूबेदार राम सिंह का पार्थिव शरीर आज मेरठ पहुंचने की उम्मीद है। उनके शहीद होने की सूचना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
बता दें कि शहीद सूबेदार राम सिंह 48 आरआर में तैनात थे। उनकी 48 आरआर और आतंकियों के बीच बुधवार देर रात से मुठभेड़ चल रही थी। गुरुवार सुबह तक चले ऑपरेशन में 48 आरआर ने दो आतंकियों को मार गिराया। जबकि तीसरे आतंकी के संदेह में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। उसी दौरान घात लगाकर आतंकी ने असाल्ट से गोलियों की बौछार कर दी। आतंकी की फायरिंग से सूबेदार राम सिंह बुरी तरह जख्मी हो गए। उन्हें सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन अधिक खून बह जाने के कारण वे शहीद हो गए।
2022 में ही होने वाले थे रिटायर
बताया जा रहा है कि शहीद सूबेदार राम सिंह का पार्थिव शरीर अभी उधमपुर में ही रखा गया है। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर मेरठ लाए जाने की जानकारी मिली है। सेना के 16 गढ़वाल में शामिल हुए सूबेदार राम सिंह मूलरूप से पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले थे। लंबे समय से वह मेरठ में ही परिवार के साथ रह रहे थे। पौने दो साल से वह राष्ट्रीय राइफल के साथ कार्यरत थे और फरवरी 2022 में वह 30 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे।
गंगानगर में दौड़ी शोक की लहर
16 गढ़वाल में उनके वरिष्ठ साथी रहे सेवानिवृत्त कैप्टन वीर सिंह रावत ने बताया कि सूबेदार राम सिंह के आतंकी मुठभेड़ में शहीद होने की जानकारी उन्हें बटालियन की ओर से दोपहर करीब एक बजे मिली थी। इसके बाद उन्होंने परिवार को भी इसकी जानकारी दी। सूबेदार राम सिंह परिवार के साथ मेरठ के गंगानगर स्थित इशापुरम में रह रहे थे। कसेरूखेड़ा सैनिक कॉलोनी के रहने वाले कैप्टन वीर सिंह रावत ने बताया कि सूबेदार राम सिंह की 4 बेटियां व एक बेटा है। इनमें से दो बेटियों की शादी हो चुकी है। उनके शहीद होने की सूचना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।