एक सितंबर तक मांगें नहीं मानी तो उठाएंगे बड़ा कदम
मेरठ। गन्ना भुगतान को लेकर यहां कमिश्नरी पर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने अब तक की सबसे बड़ी चेतावनी दी है। एेसे में भाजपा को मिशन 2019 को लेकर बड़ा झटका लग सकता है, क्योंकि मेरठ में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले साल होने वाले लोक सभा चुनाव में यूपी में 73 से ज्यादा सीटें जीतने का भरोसा दिया है, जबकि यह दावा तभी पूरा होगा, जब गन्ना किसानों की मांगें पूरी हों। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को शुगर बाउल कहा जाता है और गन्ना किसान को पश्चिम उत्तर प्रदेश की रीड की हड्डी, लेकिन गन्ना किसान इन दिनों काफी परेशान हैं।
16 अगस्त से धरने पर बैठे हैं
दरअसल, गन्ना भुगतान की मांग को लेकर 16 अगस्त से कमिश्नरी चौक स्थित चौधरी चरण सिंह पार्क पर धरने पर बैठे थे, लेकिन इस बीच किसी अधिकारी द्वारा उनकी सुध नहीं लिए जाने से नाराज इन गन्ना किसानों का सब्र का बांध टूट गया और फिर किसान प्रदर्शन करते हुए सीधा कमिश्नरी कार्यालय में पहुंच गए। अंदर पहुंचकर किसानों ने पहले तो नारेबाजी की फिर अपना हुक्का और दरी लाकर यही पर अपना डेरा डाल लिया। किसानों का कहना है कि सरकार ने 14 दिन के अंदर किसानों का भुगतान करने की बात कही थी, लेकिन आठ महीने का भुगतान किसानों काे नहीं मिला जिससे किसानों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। किसान अपने बच्चों को पढ़ाने में असमर्थ तो हैं ही, इसके अलावा अपने बच्चों की शादी तक नहीं कर पा रहे।
एक सितंबर को आत्मदाह या जलसमाधि लगाएंगे
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनका भुगतान एक तारीख से पहले नहीं हुआ तो आगामी एक सितंबर को भारी संख्या में किसान मेरठ के कमिश्नरी पार्क में इकट्ठा होंगे और आत्मदाह या जलसमाधि का फैसला लेंगे। अजगहर किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महक सिंह ने कहा कि गन्ना किसानों को यदि न्याय नहीं मिलता है तो एक सितंबर के बाद आंदोलन शुरू किया जाएगा। यह चेतावनी वहां मौजूद एडिशनल कमिश्नर आरएन धामा के सामने दी गई। जब एडिशनल कमिश्नर से इस बारे में बात करने की कोशिश की तो उन्होंने मीडिया से बात करने से साफ मना कर दिया।