पुलिस हिरासत ये सात साल पहले फरार हुआ मेरठ में चर्चित बिलाल हत्याकांड का कुख्यात तांत्रिक नजाकत सात साल बाद एसटीएफ के हत्थे चढ़ गयां। अपनी फरारी के दौरान नजाकत कहीं मंदिर का पुजारी बन गया तो वहीं वह संजय शर्मा बनकर अपनी पहचान छुपाता रहा। इस दौरान एक बार वो आगरा पुलिस के हत्थे भी चढ़ गया लेकिन तब ढाई लाख रुपये देकर बच गयां। इन सात साल में नजाकत ने फरारी के दौरान पूरी शानशौकत से अपनी जिंदगी गुजारी। उसने पुलिस केा चौकाने वाले राज भी बताए हैं।
पुलिस हिरासत से फरार हुए मेरठ के चर्चित बिलाल हत्याकांड के आरोपी कुख्यात तांत्रिक नजाकत अली उर्फ पप्पू ने सात साल तक पुलिस और एसटीएफ को धोखा दिया। लेकिन अपनी एक भूल से वो मेरठ एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। मेरठ एसटीएफ ने कुख्यात तांत्रिक नजाकत को कचहरी के पास से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ से पूछताछ में आरोपी ने ऐसे राज खोले जिसे सुनकर सभी हैरान हैं। कुख्यात तांत्रिक ने बताया कि वह इन सात सालों में नाम बदलकर पुलिस का चकमा देता रहा। इस सात सालों में उसने आराम की जिंदगी गुजारी। उसने बताया कि फरारी के बाद नजाकत से संजय शर्मा बन गया और अपनी महिला मित्र के साथ वाराणसी,आगरा, बरेली, उन्नाव, दिल्ली सहित शहरों में घूमता फिर रहा था।
इस दौरान उसने पत्नी नसरीन के नाम पर दिल्ली रोहिणी में आलीशान फ्लैट ले लिया। इसी दौरान वह प्रयागराज के मंदिर में बाबा बन गया। बता दें कि वर्ष 2013 में मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र के खत्ता रोड पर बिलाल हत्याकांड में तांत्रिक नजाकत मुख्य आरोपी है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। 2015 में पेशी के दौरान नजाकत पुलिस हिरासत में कचहरी से फरार हो गया था। पुलिस और एसटीएफ को नजाकत की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा रहा था। एक मुखबिर ने एसटीएफ को सूचना दी कि इनामी नजाकत मेरठ एक रिश्तेदार के यहां पर आ रहा है।
इसकी जानकारी पर एसटीएफ ने कचहरी के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। कुख्यात नजाकत अली उर्फ पप्पू की पुलिस से दोस्ती थी। फरारी के दौरान 2019 में आगरा पुलिस ने उसको पकड़ लिया था। बाद में 2.50 लाख रुपये लेकर पुलिस ने छोड़ दिया। जेल जाने से पहले पूछताछ में नजाकत ने पुलिस के कारनामे उजागर किए। एसटीएफ ने उसके बयानों की वीडियोग्राफी भी की है, जिन पुलिसकर्मियों के नाम नजाकत ने बताए हैं। उनकी जांच होगी।