जिला प्रशासन जानकारी जुटाने में जुटा, शासन को भेजेगा रिपोर्ट
मेरठ। पहले से आर्थिक परेशानी झेल रहे परिवार आैर पुलिस की ज्यादती से परेशान दो बहनों ने इच्छा मृत्यु की मांग राष्ट्रपति आैर प्रधानमंत्री से की तो शासन आैर प्रशासन में हड़कंप मच गया। दोनों बहनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने सवा करोड़ रुपये के मामले में उसके चाचा को जेल भेज दिया आैर अब पिता के पीछे पड़ी हुर्इ है, जबकि कोर्इ साक्ष्य आैर गवाह पुलिस के पास नहीं है। दोनों बहनों का कहना है कि इससे परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।
उन्होंने दो दिन पहले राष्ट्रपति आैर प्रधानमंत्री को रजिस्ट्री करके इच्छा मृत्यु की मांग की। इस पर शासन ने मेरठ जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। दोनों बहनों की इस गुहार से कुछ हिन्दू आैर सामाजिक संगठनों ने मदद का आश्वासन दिया है। दोनों बहनें बेगमबाग में रहती हैं। आठवीं में पढ़ने वाली दिशा आैर नवीं की छात्रा हर्षी ने आरोप लगाया कि सवा करोड़ रुपये के मामले में लालकुर्ती थाना पुलिस उनके पीछे पड़ी हुर्इ है। पुलिस ने पहले उसके चाचा मोहन मंगा को जेल भेजा, अब उनके पिता विशाल मंगा के पीछे पड़ी हुर्इ है। दोनों बहनों का आरोप है कि केस से नाम निकालने के नाम पर पुलिस ने तीन लाख मांगे आैर मना करने पर पिता को भी जेल भेजने की बात कही।
दोनों बहनों का कहना है कि पिता आैर चाचा की गैरमौजूदगी के कारण उनका परिवार आर्थिक परेशानी से गुजर रहा है। उनकी स्कूल की फीस तक के लिए पैसे नहीं है। इसलिए उन्होंने इच्छा मृत्यु की मांग की है। इसके बाद शासन आैर प्रशासन में हड़कंप मच गया है। प्रशासन एलआर्इयू के जरिए दोनों बहनों आैर परिवार के बारे में जानकारी जुटा रहा है। इसके बाद वह अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगा। एसएसपी नितिन तिवारी का कहना है कि दोनों बहनों के आरोपों की जांच करार्इ जा रही है। जांच में दोषियों के खिलाफ कार्रवार्इ की जाएगी।