boiler explosion of paper mill in Meerut मेरठ मवाना रोड स्थित थाना इंचौली क्षेत्र में एक पेपर मिल में बॉयलर फटने से दो मजदूरों की इलाज के दौरान मौत हो गई। बॉयलर फटने के बाद दोनों मजदूरों को मिल मालिकों द्वारा मजदूरों को गुपचुप तरीके से दिल्ली इलाज के लिए भेज दिया गया था। जहां पर उसकी देर शाम इलाज के मौत होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। दिल्ली से मजदूरों का शव आने के बाद परिजनों ने शवों को पेपर मिल के बाहर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के हस्ताक्षेप से मामला शांत हुआ।
boiler explosion of paper mill in Meerut मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के फिटकरी गांव में एक पेपर मिल में दो बॉयलर ट्यूब फटने से हुए हादसे में बुरी तरह झुलसे दो मजदूरों की दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। दोनों के शवों को मेरठ लाया गया तो कोहराम मच गया। मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने दोनों के शव को फैक्टरी के गेट पर रखकर हंगामा कर दिया और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए।
परिजनों ने फैक्टरी संचालकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई और मृतको के परिजनों को नौकरी और 20-20 लाख रुपये मुआवजे दिए जाने की मांग की है। दरअसल, इंचौली इलाके में फिटकरी गांव के पास वेंकेटेश पेपर मिल में गत शुक्रवार की शाम अचानक बॉयलर की ट्यूब फटने से हुए रिसाव के बाद आग लग गई। आग के साथ उपकरणों में हुए तेज धमाके की चपेट में आए कर्मचारी झुलस गए।
हादसे में सैनी गांव के रहने वाले प्रदीप और पवन गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिन्हें दिल्ली के एम्स में रेफर कर दिया गया था। दोनों की हालात चिंताजनक बनी हुई थी। जिनकी इलाज के दौरान देर शाम मौत हो गई। वहीं इस मामले में पुलिस का कहना है कि पूर्व में हादसे की सूचना नहीं दी थी। परिजनों का कहना है कि बॉयलर का मीटर काफी दिन से खराब था जिसे कई बार ठीक कराने को कहा गया था लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन ने लापरवाही की और हादसा हो गया।